
सरायकेला. सरायकेला में रथयात्रा के पांचवें दिन हेरा पंचमी पर नाराज मां लक्ष्मी ने गुंडिचा मंदिर में विराजमान महाप्रभु जगन्नाथ का रथ तोड़ दिया. हेरा पंचमी पर श्रीमंदिर से मां लक्ष्मी को भक्त पालकी पर बैठाकर गुंडिचा मंदिर लाया गया. जहां मां लक्ष्मी भगवान से वापस श्रीमंदिर साथ चलने का आग्रह करती हैं. साथ नहीं चलने पर नाराज माता ने भगवान के रथ को तोड़ डाला. इसके बाद नाराज होकर मां श्रीमंदिर आ जाती हैं.
हेरा पंचमी पर भजन संध्या में ओड़िया कलाकारों ने समां बांधा
खरसावां. रथयात्रा के पांचवें दिन हेरा पंचमी पर खरसावां के काली मंदिर सामुदायिक भवन में भजन संध्या का आयोजन किया गया. भुवनेश्वर (ओडिशा) से आये लक्ष्मीधर बारिक की टीम ने भगवान जगन्नाथ की महिमा पर आधारित भजन प्रस्तुत कर समां बांध दिया. ओडिशा के गायक लक्ष्मीधर बारिक, प्रताप चंद्र महापात्र, सीता रानी, सीमा कुमारी व शरत कुमार ने ओड़िया भजनों की प्रस्तुति दी. कलाकारों ने भगवान जगन्नाथ की भक्ति से ओत-प्रोत कई अन्य भजन भी प्रस्तुत किये.उल्लेखनीय है कि भजन संध्या का आयोजन भुवनेश्वर (ओडिशा) के लक्ष्मीधर बारिक की टीम द्वारा किया गया, जिन्हें ओडिशा सरकार के ओड़िया भाषा, साहित्य व संस्कृति विभाग की ओर से विशेष रूप से खरसावां भेजा गया था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
पोस्ट seraikela kharsawan news: नाराज मां लक्ष्मी ने महाप्रभु का रथ तोड़ा पहले दिखाई दिया Prabhat Khabar।

