बंगाल में बवंडर, इन राज्यों में तहलका मचाएगी बारिश, मौसम विभाग का अलर्ट


Heavy Rain Alert: भारत में मानसून अब लगभग देश के सभी हिस्सों में सक्रिय हो चुका है. हालांकि, दक्षिण भारत में मानसून की गति फिलहाल कमजोर पड़ गई है. वहीं बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठ रही घने बादलों की लहरें पूर्वी भारत की ओर बढ़ रही हैं. इसका असर झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और बिहार में भारी बारिश के रूप में दिख सकता है. 08 जुलाई तक मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है. 06 जुलाई तक झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत, खासकर मेघालय, असम, नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर में इस सप्ताह के अंत तक बारिश का भीषण रूप देखने को मिल सकता है.

साइक्लोनिक सर्कुलेशन अब भी सक्रिय

IMD ने बताया कि झारखंड और आसपास के क्षेत्रों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहा है, लेकिन उससे जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन अभी भी सक्रिय है. यह प्रणाली पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज मौसम गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है.

उत्तर भारत में भी बारिश का जोर

उत्तर भारत में मानसून उत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए इंडो-गंगेटिक मैदानों में प्रभावी हो रहा है. 02 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश हुई. 08 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है. इन इलाकों में 30–40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं, बिजली गिरने और आंधी की संभावना है.

पश्चिम भारत में बारिश का असर

जुलाई के पहले सप्ताह में महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों, कोंकण और गोवा, गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. खासकर घाट क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा.

मौसम विभाग की सलाह

IMD ने नागरिकों को सतर्क रहने, यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने, और कमजोर इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी है. आने वाला सप्ताह भारत के कई राज्यों के लिए बारिश, तूफान और बिजली गिरने की घटनाओं से भरपूर हो सकता है। सरकारें और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं.



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