IAS-IPS प्रशिक्षण: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सिर्फ कुछ ही उम्मीदवार IAS, IPS या IFS बनने के लिए सफल हो पाते हैं. परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर रैंक तय होती है, और उसी के अनुसार उम्मीदवारों को सर्विस अलॉट की जाती है. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि IAS और IPS की ट्रेनिंग कहां होती है और उनकी ट्रेनिंग से जुड़ी कई रोचक बातें.
कहां होती है ट्रेनिंग?
IAS और IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग की शुरुआत होती है लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी से. यहां तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स होता है, जिसमें ऑल इंडिया सर्विस और ग्रुप A की केंद्रीय सेवाओं के नए चयनित अभ्यर्थियों को एक साथ ट्रेनिंग दी जाती है. तीन महीने के बाद IAS और IPS की ट्रेनिंग अलग हो जाती है. IAS अधिकारी वहीं LBSNAA में आगे की ट्रेनिंग करते हैं, जबकि IPS अधिकारियों को भेजा जाता है हैदराबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में.
IPS की ट्रेनिंग कैसी होती है?
IPS अधिकारियों की ट्रेनिंग को चार चरणों में बांटा गया है— फाउंडेशन कोर्स, फेज-1 ट्रेनिंग, डिस्ट्रिक्ट प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और फेज-2 ट्रेनिंग. SVPNPA हैदराबाद में उन्हें करीब 11 महीने की कठोर ट्रेनिंग दी जाती है. इसमें फिजिकल ट्रेनिंग, कानून व्यवस्था, हथियारों की जानकारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाया जाता है.
LBSNAA की फीस कितनी है?
LBSNAA में ट्रेनिंग के दौरान फीस बहुत मामूली होती है. एकल आवास वाले प्रशिक्षुओं को 350 रुपये/माह और दो व्यक्तियों के कमरे में रहने पर 175 रुपये/व्यक्ति देना होता है. इसके अलावा मेस शुल्क करीब 10,000 रुपए होता है. उन्हें हॉस्टल, लाइब्रेरी, जिम, मेडिकल और अन्य सभी सुविधाएं भी मिलती हैं.
यह भी पढ़ें: 1 या 2 नहीं 4 बार UPSC क्लियर, दिव्यांगता को हराकर बनीं IAS, आंखें नम कर देगी ये सक्सेस जर्नी
यह भी पढ़ें: Success Story: JEE में हार नहीं मानी, ड्रॉप ईयर में प्लानिंग बदली, और बन गए IITian!


