नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए तीन शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट कर फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर 3 करोड़ 29 लाख रुपये की ठगी की थी. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अब तक 17 लाख रुपये की राशि फ्रीज करवा दी है.

दरअसल, नोएडा सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाने में इस हाई-प्रोफाइल ठगी का मामला 30 जून को दर्ज हुआ था. पीड़ित बुजुर्ग महिला ने शिकायत दी थी कि उनके साथ आधार कार्ड और बैंक खाते के नाम पर साइबर ठगी की गई है. पीड़िता की शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने महिला को बताया कि उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों का इस्तेमाल गैंबलिंग और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में किया गया है.

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इसके बाद साइबर ठगों ने उन्हें फर्जी जांच और गिरफ्तारी का डर दिखाकर कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर के रखा और अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए. वहीं अब साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. सबसे पहले दुपिन्दर सिंह उर्फ गिन्नी को गिरफ्तार किया गया. गिन्नी के खाते में सीधे 93 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे. दूसरी गिरफ्तारी विनय समानिया की हुई. समानिया 25% कमीशन पर बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था. जबकि तीसरा आरोपी मंदीप सिंह ठगी है. मंदीप ने 71 लाख रुपये ट्रांसफर कराए थे, लेकिन बदले में सिर्फ 50 हजार रुपये ही मिले.

एडीसीपी साइबर क्राइम नोएडा मनीषा सिंह ने बताया आज तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों द्वारा पीड़िता को डरा-धमकाकर यह बताया गया कि उनके बैंक अकाउंट से गैंबलिंग और अवैध वेपन खरीदे गए हैं. इनके द्वारा अलग-अलग खातों में 3 करोड़ 29 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए थे.

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि ये लोग फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवाकर अपने साथियों को देते थे, जिनमें ठगी के पैसे ट्रांसफर किए जाते थे. तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल साइबर क्राइम पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जायेगा.

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