बौद्ध-सिख तीर्थ यात्रियों को योगी सरकार देगी 10,000, रहने-खाने से लेकर सफर तक का खर्च उठाएगी… यहां जानें पूरा प्लान – Yogi govt buddhist sikh pilgrimage yojana panch takht yatra yojna know full details ntc


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं की धार्मिक यात्राओं की आस पूरी करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है. शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं. ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे.

बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष तीर्थ योजना

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशिष्ट तीर्थ यात्राओं हेतु ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और सिख श्रद्धालुओं के लिए ‘पंच तख्त यात्रा योजना’ प्रारम्भ की जाए. इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें.

बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना में भिक्षुओं को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री के मंशानुसार बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना का उद्देश्य प्रदेश के निवासी हिन्दू/बौद्ध श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न भागों में स्थित बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा की साध पूरी कराना है. मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए.

पंच तख्त यात्रा: सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष योजना

इसी प्रकार, पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी. इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पांच पवित्र ‘तख्त साहिब’ स्थल की यात्रा कराई जाएगी. बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में ‘श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,’ शामिल हैं.

यह भी पढ़ें: ‘योगी आम’ देखकर मुस्कुराए सीएम योगी, बोले- ढाई किलो का आम देख कर होता है आश्चर्य

₹10,000 तक की सहायता और पारदर्शी आवेदन प्रक्रिया

प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम ₹10,000 की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए. श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए. दोनों ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी.

सुरक्षा, सुविधा और समावेशिता पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं. उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को और सशक्त करेंगी. प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी, साथ ही ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *