Watch Video: पहाड़ की चोटी पर खेल रहे क्रिकेट, गेंद को खाई में जाने से रोकने के लिए किया अनोखा जुगाड़


Cricket News: क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे पूरे भारत में बहुत पसंद किया जाता है. कपिल देव की अगुआई वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने 1983 का विश्व कप जीता था, तब से लेकर अब तक इस खेल के प्रति दीवानगी कम नहीं हुई है. धीरे-धीरे, जैसे-जैसे साल बीतते गए, भारत की वित्तीय ताकत और राष्ट्रीय टीम के लगातार अच्छे प्रदर्शन ने प्रशंसकों की संख्या में इजाफा किया. आईपीएल के आने के बाद से यह दीवानगी और भी बढ़ गई है. भारत में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां क्रिकेट के प्रशंसक न हों. आपको कही भी बच्चे गली क्रिकेट खेलते दिख जाएंगे. मैदान पर क्रिकेट खेलना तो आम बात है, लेकिन कभी आपने किसी को पहाड़ी की चोटी पर क्रिकेट खेलते देखा है, जिसके चारों ओर गहरी खाई हो.

वीडियो हो रहा वायरल

वैसे तो यह खेल पेशेवर तौर पर ज्यादातर जगहों पर खेला जाता है, लेकिन शौकिया खिलाड़ियों और उनके अनोखे अंदाज ने खेल के विकास में काफी योगदान दिया है. जैसे, कश्मीर के सोहिल नसीर और उनके दोस्त का उदाहरण ले लीजिए. सोहिल के इंस्टाग्राम पर 12,000 से ज्यादा फाॉलोअर्स हैं और वे नियमित रूप से अपने खेल के वीडियो सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपलोड करते हैं. उनके कुछ वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिसमें सोहिल और उनके दोस्तों ने पहाड़ी की चोटी पर क्रिकेट खेलते हुए गेंद को खाई में गिरने से रोकने का एक अनोखा तरीका निकाला है.

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जुगाड़ देख चौंक जाएंगे आप

वे गेंद के साथ एक हल्की रस्सी बांधते हैं, जबकि रस्सी का दूसरा सिरा एक पत्थर से बंधा होता है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि बड़ा शॉट लगने पर भी गेंद नीचे न गिरे और गिर नीचे गिर भी जाए तो उसे रस्सी के सहारे खींचकर ऊपर लाया जा सके. कुल मिलाकर कश्मीरी लड़को का यह क्रिकेट काफी रोमांचक है और इसका वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है. लड़के निर्भिक होकर बड़े-बड़े शॉट लगा रहे हैं और गेंद आसानी से वापस आ जा रही है.

कश्मीर में क्रिकेट की हुई है शानदार वापसी

पिछले एक दशक में कश्मीर ने घरेलू क्रिकेट में अपना कद बढ़ाया है. परवेज रसूल, उमरान मलिक, अब्दुल समद जैसे खिलाड़ी इसी राज्य से उभरे हैं. उमरान ने भारतीय क्रिकेट में अपने नाम कई रिकॉर्ड दर्ज किए है. यह गेंदबाज अपनी तेजी के लिए जाना जाता है. 2024-25 रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर ने मुंबई और बड़ौदा जैसी उच्च श्रेणी की टीमों को हराया. वे पांच साल बाद रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में भी पहुंचे. 55 साल की भागीदारी में यह केवल तीसरी बार था जब उन्होंने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. वे फरवरी में सेमीफाइनल में केरल से हार गए थे.

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