श्रावणि मेला 2025: देवघर और बासुकीनाथ में शुक्रवार 11 जुलाई से श्रावणी महोत्सव शुरू होने वाला है. यह नौ अगस्त तक चलेगा. इस दौरान कांवरियों के वेश में आतंकी या उग्रवादी भीड़ का फायदा उठाकर अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं. इसका खुलासा स्पेशल ब्रांच के आईजी ने अपनी रिपोर्ट में किया है.

गृह सचिव और डीजीपी को सौंपी रिपोर्ट

बता दें कि स्पेशल ब्रांच के आईजी ने श्रावणी मेला की सुरक्षा-व्यवस्था पर गृह सचिव और डीजीपी सहित अन्य अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपकर अलर्ट किया है. मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को बढ़ाने पर जोर दिया गया है. रिपोर्ट में श्रावणी मेला के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ में पूर्व में हुई घटनाओं के बारे भी बताया गया है.

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रिपोर्ट में क्या बताया गया

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के कई हिस्सों में धार्मिक स्थलों पर कुछ सालों में विध्वंसक कार्रवाई की जा चुकी है. इसलिए देवघर और बासुकीनाथ मंदिर में की भी सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाये. मेला में अगर संदिग्ध वस्तु लावारिस स्थिति में दिखती है, तो उसे तत्काल हटाया जाये. बताते चलें कि मेला में अन्य राज्यों के अलावा पड़ोसी देश से भी काफी श्रद्धालु आते हैं.

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कांवरिया पथ और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए निर्देश

श्रावनी मेला की तैयारी
श्रावणी मेला की तैयारी

इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए कांवरिया पथ और बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर जरूरी निर्देश जारी किये गये हैं. इनमें विभिन्न बिंदुओं पर निगरानी रखने की सलाह दी गयी है-

  • कांवरिया पथ में पुलिस और गश्ती की व्यवस्था की जाये.
  • कांवरिया पथ के आसपास के गांवों में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखी जाये.
  • विभिन्न मामलों में पूर्व से वांटेड और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी की जाये.
  • सुनसान और भीड़भाड़ वाले इलाके में लाइट की बेहतर व्यवस्था की जाये
  • पुलिस की भ्रमणशीलता और उनकी शिथिलता पर निगरानी रखी जाये.
  • बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों व अन्य लोगों की सुरक्षा-व्यवस्था पर निगरानी रखी जाये.
  • कांवरियों के लिए अधिक भीड़ वाली जगहें जैसे मंदिर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ऑटो स्टैंड आदि पर सीसीटीवी कैमरा से निगरानी रखी जाये.
  • श्रद्धालुओं की लाइन में घुसपैठ पर निगरानी रखी जाये.
  • श्रद्धालुओं व कांवरियों की वेश-भूषा में नशा खिलाने वालों, पॉकेटमार और ठगी करने वालों पर निगरानी रखी जाये.
  • महिलाओं के साथ छिनतई और छेड़छाड़ की घटना को रोकने की कार्रवाई हो.
  • आसपास के इलाके में शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये.
  • इलाके में और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जाये.
  • भगदड़ की स्थिति उत्पन्न होने पर बचाव और राहत के लिए तैयारी रखी जाये.
  • आतंकी और उग्रवादी गतिविधियों पर विशेष चौकसी बरती जाये.
  • ट्रैफिक व्यवस्था बनाये रखने के साथ ही 24 घंटे चिकित्सा की व्यवस्था उपलब्ध हो.
  • पुराने व जर्जर मकान, होटल और धर्मशाला में ठहराव पर पाबंदी लगायी जाये.
  • अधिक भीड़ और बारिश के कारण फैलने वाली गंदगी का निपटारा कर सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाये.
  • खाद्य पदार्थ में मिलावट और नकल की जांच करने व रोक की जरूरत है.

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