पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने सोमवार को भारत के साथ चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान चीन की मदद प्राप्त होने की बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि ऐसे दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. इस्लामाबाद स्थित नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (NDU) में ग्रेजुएट ऑफिसर्स को संबोधित करते हुए मुनीर ने दोहराया कि पाकिस्तान की संप्रभुता को कमजोर करने के किसी भी दुस्साहस या प्रयास का बिना किसी बाधा या संकोच के त्वरित और दृढ़ प्रतिक्रिया के साथ जवाब दिया जाएगा. दरअसल, पाकिस्तान की पूरी दुनिया में इस बात को लेकर जमकर किरकिरी हो रही है कि वह अकेले भारत का सामना नहीं कर सकता, इसीलिए उसे चीन और तुर्की की मदद लेनी पड़ी.

असीम मुनीर ने कहा, ‘पाकिस्तान को मिले बाहरी समर्थन के बारे में लगाए गए आरोप गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं. विशुद्ध रूप से द्विपक्षीय सैन्य संघर्ष में अन्य देशों को भागीदार बताना भी खेमेबाजी की राजनीति करने का एक प्रयास है.’ असीम मुनीर की टिप्पणी भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के उस टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजिंग ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को सक्रिय सैन्य सहायता प्रदान की थी और अपने विभिन्न हथियार प्रणालियों के परीक्षण के लिए दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष को एक प्रयोगशाला के रूप में इस्तेमाल किया था.

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पिछले सप्ताह दिल्ली में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए जनरल सिंह ने कहा कि पाकिस्तान फ्रंट फेस है, तथा चीन अपने सदाबहार मित्र को हरसंभव सहायता दे रहा है, तुर्की भी इस्लामाबाद को सैन्य हार्डवेयर की आपूर्ति करके एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि 7 से 10 मई तक चले सैन्य संघर्ष के दौरान भारत वास्तव में एक समय में कम से कम तीन शत्रुओं से निपट रहा था. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कहा कि हम अपने शहरों, सैन्य ठिकानों, आर्थिक केन्द्रों और बंदरगाहों को निशाना बनाने के किसी भी प्रयास का पूरी ताकत से जवाब देंगे.

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भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के नियंत्रण वाले इलाकों में आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. इस हमले के बाद चार दिनों तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुईं. भारत के भीषण जवाबी हमलों ने पाकिस्तान को घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया. भारत की वायु सेना ने पाकिस्तान के 12 एयरबेस पर बमबारी की, जिसमें दुश्मन देश को काफी नुकसान हुआ. इन हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना के डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष के साथ हॉट लाइन पर संपर्क साधा और सीजफायर की गुहार लगाई.

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