META Hired These AI Experts – कौन सी थीं वो स्किल्स, जो इन लोगों में मिली तो Meta ने एक-एक को दे दिया 100-100 करोड़ का पैकेज! – Meta hired artificial intelligence expert from different countries one is from IIT kanpur know about their skills salary pvpw


2025 की शुरुआत से, मेटा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सबसे प्रतिभाशाली लोगों की भर्ती के लिए हर संभव प्रयास किया है. अपनी नई सुपर इंटेलिजेंस लैब्स में, मेटा में ऐआई के टॉप टेलेंट्स को हायर किया है. अनुमान है कि इन टॉप टैलेंट्स को 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक के पैकेज बजट में हायर किया गया है. हालांकि, ऐसा सिर्फ मेटा ने ही नहीं किया है. इस लिस्ट में माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई, गूगल, एप्पल, एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

हायरिंग की इस लिस्ट में एक शख्स भारतीय भी है, जिसने आईआईटी से पढ़ाई की है. आइए जानते हैं वे कौन-से कर्मचारी हैं, जिनको मेटा करोड़ों में सैलरी दे रहा है और उनके पास क्या स्किल्स हैं.

लुकास बेयर- विज़न ट्रांसफार्मर आर्किटेक्ट

मेटा ने एक विजन ट्रांसफॉर्मर आर्किटेक्स LUCAS BEYER को हायर किया है. लूकस ने जर्मनी के एक शीर्ष तकनीकी संस्थान, आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके अलावा उन्होंने मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न पर केंद्रित पीएचडी की. कंप्यूटर और वीडियो गेम के प्रति शुरुआती आकर्षण ने एआई में गहरी रुचि पैदा की. इसके बाद वे गूगल ब्रेन और डीपमाइंड में स्टाफ रिसर्च साइंटिस्ट के रूप में शामिल हुए, जहां उन्होंने मशीन लर्निंग और परसेप्शन में योगदान दिया.

मेटा एआई
लुकास बेयर, विज़न ट्रांसफार्मर आर्किटेक्ट (फोटो: Ranlp.org)

लूकस ने विज़न ट्रांसफॉर्मर (ViT) का सह-निर्माण किया है, जो कंप्यूटर विज़न में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी. इसके अलाला उन्होंने ओपनएआई के ज्यूरिख कार्यालय के शुभारंभ में मदद की, नेतृत्व और टीम-निर्माण की भूमिकाएं निभाईं. न्यूरल नेटवर्क, ट्रांसफॉर्मर और बड़े पैमाने की एआई प्रणालियों में लूकस को गहन विशेषज्ञता हासिल है.

ट्रैपिट बंसल- ओपन एआई

आईआईटी कानपुर ने पढ़े हुए त्रपित बंसल ने ओपन ऐआई में कमाल किया है. उन्होंने आईआईटी कानपुर (भारत) से गणित और सांख्यिकी में स्नातक किया है. इसके बाद मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट विश्वविद्यालय से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी (मशीन लर्निंग और मेटा-लर्निंग में विशेषज्ञता) की है.

मेटा एआई
फोटो: trapitbansal.com

त्रपित ने एक्सेंचर में एक विश्लेषक के रूप में शुरुआत की थी फिर आईआईएससी बैंगलोर में बायेसियन मॉडलिंग पर रिसर्च की. इसके बाद फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई में इंटर्नशिप पूरी की और अकादमिक और औद्योगिक एआई अनुसंधान, दोनों का अनुभव प्राप्त किया. इसके बाद ओपन ऐआई में भी काम किया.

अलेक्जेंडर Kolesnikov (फोटो: ista.ac.at)
अलेक्जेंडर Kolesnikov (फोटो: ista.ac.at)

अलेक्जेंडर Kolesnikov- डीप लर्निंग एक्सपर्ट

इसके अलावा मेटा में डीप लर्निंग के एक्सपर्ट ALEXANDER KOLESNIKOV को भी करोड़ों की सैलरी पर हायर किया है. एलेक्जेंडर ने लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी में गणित का अध्ययन किया है. आईएसटी ऑस्ट्रिया में मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न में रिसर्च की है. अलेक्जेंडर ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही कंप्यूटर विज़न में प्रकाशन शुरू किया, जिसमें विज़ुअल रिप्रेजेंटेशन लर्निंग के बारे में बताया गया है. एलेक्जेंडर गूगल ब्रेन और बाद में डीपमाइंड में काम कर चुके हैं. एलेक्जेंडर की कंप्यूटर विज़न, विज़ुअल ट्रांसफ़ॉर्मर और स्केलेबल डीप लर्निंग मॉडल पर मज़बूत पकड़ है.

ज़ियाहुआ झाई
Xiaohua zhai (फोटो: X/Xiaohuazhai)

Xiaohua Zhai- मल्टीमॉडल रिसर्च स्पेशलिस्ट

इसके अलावा मेटा ने मल्टीमॉडर स्पेशलिस्ट XIAOHUA ZHAI को नौकरी पर रखा है. XIAOHUA ने कंप्यूटर विज्ञान में ग्रेजुएशन किया है और मशीन लर्निंग और विज़ुअल एआई पर रिसर्च की हुई है. उन्होंने गूगल ब्रेन में एक शोध वैज्ञानिक के रूप में शुरुआत की थी, जहां उन्होंने स्केलेबल विज़ुअल रिप्रेज़ेंटेशन मॉडल पर काम किया. इसके बाद विज़न ट्रांसफ़ॉर्मर और संबंधित छवि वर्गीकरण कार्यों जैसी परियोजनाओं पर अलेक्जेंडर कोलेसनिकोव के साथ मिलकर काम किया. इसके अलावा ओपन एआई के ज्यूरिच ऑफिस में भी काम किया हुआ है.

Ruoming Pang- Apple Ai मॉडल लीड

एप्पल के ऐआई मॉडल को लीड कर चुके RUOMING PANG अब मेटा में काम कर रहे हैं. उन्होंने चीन और अमेरिका की शीर्ष यूनिवर्सिटियों से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है. उनका मुख्य ध्यान बड़े स्तर की मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और सांख्यिकीय मॉडलिंग पर रहा है. अपने करियर की शुरुआत गूगल से की, जहां उन्होंने सर्च और भाषा तकनीक पर काम किया.

लिंक्डइन/रुमिंगपैंग
फोटो: लिंक्डइन/रुमिंगपैंग

इसके बाद एप्पल में फाउंडेशन मॉडल्स के प्रमुख बने और ऐसी AI टीमों का नेतृत्व किया, जिन्होंने Siri और Apple Intelligence जैसी मुख्य तकनीकों को तैयार किया. जुलाई 2025 में उन्हें मेटा की सुपरइंटेलिजेंस डिविजन में करोड़ों डॉलर के पैकेज पर नियुक्त किया गया. वे अपने AI मॉडल्स को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए तैयार करने और रिसर्च को प्रोडक्ट में बदलने के लिए जाने जाते हैं.

RUOMING PANG को भाषा मॉडल्स, मॉडल ट्रेनिंग पाइपलाइन और व्यावहारिक AI में गहरी समझ है. ऐसे फाउंडेशन मॉडल्स बनाने और लॉन्च करने का अनुभव, जिन्हें लाखों लोग इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा बड़ी AI टीमों और महत्वपूर्ण तकनीकी प्रोडक्ट्स के विकास में सफल नेतृत्व भी किया है.

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