बच्चों को सर्दी-जुकाम होना काफी आम होता है. मौसम बदलने या बरसात के मौसम में बच्चों को इस समस्या का सामना काफी ज्यादा करना पड़ता है. इसकी वजह से बच्चे काफी ज्यादा चिड़चिड़े हो जाते हैं. आम सर्दी -जुकाम एक वायरल इंफेक्शन है जो बच्चे की नाक और गले को प्रभावित करता है. आम सर्दी-जुकाम का पहला लक्षण नेजल कंजेशन और नाक का बहना है. बच्चों को कॉमन सर्दी-जुकाम से बचाने का सबसे आसान तरीका उनके शरीर में पानी की कमी ना होने देना और उनके नेजल पैसेज को खोलना है ताकि बच्चा आराम से सांस ले सके.
वैसे तो बच्चों को सर्दी और जुकाम से बचाने के लिए मार्केट में कई दवाएं उपलब्ध हैं लेकिन इन दवाओं को बच्चों के खिलाने के साथ ही आप कुछ घरेलू उपायों की भी मदद ले सकते हैं.
भारतीय घरों में बच्चों की सर्दी और जुकाम को ठीक करने के लिए कई घरेलू उपायों का सहारा लिया जाता है. आयुर्वेद में बच्चों की खांसी और जुकाम को ठीक करने के लिए कई नुस्खे बताए गए हैं. तो आइए जानते हैं उन घरेलू उपायों के बारे में जिससे आप बच्चे को सर्दी और जुकाम से बचा सकते हैं.
- अजवाइन के बीजों और लहसुन को एक साथ सूखा भूनें. फिर इन्हें एक कपड़े में रखकर बांध लें और बच्चे को सूंघने के लिए दें.
- कुछ पान के पत्तों को धीमी आंच पर गर्म करें, उन्हें ब्राउन न करें, वरना ये सूख जाएंगे, जब पत्ते में बुलबुले आने लगे तो उन्हें ठंडा कर लें और अपने बच्चे की छाती पर रख दें. इसे डायरेक्ट स्किन के कॉन्टेक्ट पर ना लगाएं.
- अगर आप इस झंझट में नहीं पड़ना चाहते, तो नीलगिरी ऑयल, कैमोमाइल ऑयल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. इससे बच्चे की छाती और पैर के तलवे पर मालिश करें. इसे आप बच्चे के कपड़ों पर भी लगा सकते हैं. इससे सांस लेने में आसानी होती है.
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