नक्सली ने झारखंड में मारा – झारखंड के जंगलों में खेत: रुपये की आर्थिक फ़ाइल। 5 लाख, सीआरपीएफ जवान शहीद – मडो झारखंड वेस्टोप


झारखंड के बोकारो जिले में बुधवार सुबह शुरू किए गए एक बड़े नक्सली ऑपरेशन में एक इनामी माओवादी मारा गया है. वहीं इस एनकाउंटर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का एक जवान शहीद हो गया है. मारे गए कुख्यात नक्सली की पहचान कुंवर मांझी के रूप में हुई है. उसके सिर पर पांच लाख रुपए का इनाम घोषित था. शहीद जवान का नाम परनेश्वर कोच था, जो असम के कोकराझार के रहने वाले थे.

डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के बिरहोरडेरा जंगल में बुधवार की सुबह करीब 5.30 बजे सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया. जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी. इसके बाद जवानों ने इलाके की घेराबंदी करके सर्चिंग शुरू कर दी. इसी दौरान माओवादियों ने फायरिंग कर दी, जिसका जवाब सुरक्षाबलों ने मजबूती से दिया.

डीजीपी ने बताया कि इस मुठभेड़ में ढेर हुआ नक्सली कुंवर मांझी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था. उस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था. वो कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा है. उसे संगठन के भीतर एक हिंसक रणनीतिकार के तौर पर जाना जाता था. इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ जवान परनेश्वर कोच ने वीरगति प्राप्त की है. वो मुठभेड़ के दौरान आगे बढ़ते हुए दुश्मन के सामने डटकर लड़े.

सीआरपीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर रांची लाया गया है, जहां उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी. इसके बाद उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेजा जाएगा. पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ स्थल से एक आम नागरिक का शव भी बरामद किया गया है. शुरुआत में उसे दूसरा माओवादी समझा गया था, लेकिन बाद में उसकी पहचान एक स्थानीय नागरिक के रूप में हुई.

सुरक्षा बलों को घटनास्थल से एक एके-47 राइफल बरामद हुई है. पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम अब भी जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही है. झारखंड की 95 फीसदी नक्सली समस्या अब समाप्त हो चुकी है. इस साल जनवरी से अब तक 20 से अधिक बड़े नक्सली या तो मारे जा चुके हैं, या सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर चुके हैं. राज्य में अब नक्सलवाद अपने अंतिम दौर में है.

उधर, सीआरपीएफ जवान की शहादत पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुख जताते हुए एक्स (ट्विटर) पर लिखा है, ”असम के लोग हमारे जवान के बलिदान को सलाम करते हैं. यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. हम उनके परिवार के साथ हमेशा खड़े रहेंगे. हमारी सेनाएं नक्सलवाद के खात्म करने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही हैं.” शहीद जवान को राजकीय सम्मान दिया जाएगा.

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