ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार में जारी वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण और सत्यापन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. हैदराबाद के सांसद ने सरकार पर निशाना साधा.
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्रीय चुनाव निकाय बिहार की वोटर लिस्ट में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और नेपाली नागरिकों की पहचान करने में सफल रहा. लेकिन सरकार यह पता लगाने में विफल रही कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने दिनदहाड़े 26 पर्यटकों की हत्या कैसे कर दी.
तेलंगाना के बोधन कस्बे में बुधवार की रात एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि आप बिहार में बांग्लादेशी, रोहिंग्या और नेपाल के नागरिकों को चिह्नित करने में कामयाब हो जाते हैं, लेकिन आप इसकी जांच क्यों नहीं करते कि पहलगाम में आतंकी कैसे घुसे?
उन्होंने कहा कि जब तक पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों का पता नहीं चल जाता, तब तक सरकार से कड़े सवाल पूछते रहेंगे. ओवैसी ने यह भी कहा कि पहलगाम के आतंकियों का पता चलने तक ऑपरेशन सिंदूर नहीं रोका जाना चाहिए.
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उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जब आतंकी पहलगाम में घुसकर हमारे हिंदू भाइयों को मार रहे थे, तब क्या आप सो रहे थे? क्या आपका प्रशासन आंखें मूंदकर बैठा था? ऑपरेशन सिंदूर को लेकर वैश्विक समुदाय के सामने भारत का पक्ष रखने गए सर्वदलीय डेलिगेशन में शामिल रहे ओवैसी ने पीएम मोदी से पड़ोस के घटनाक्रमों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की और दावा किया कि भारत चारो तरफ से चीन से घिरा हुआ है.
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उन्होंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज सिन्हा को भी घेरा और पहलगाम हमले को मोदी सरकार की सुरक्षा चूक का उदाहरण बताया. ओवैसी ने मनोज सिन्हा पर हमला बोलते हुए कहा कि अब आप जुलाई में अपनी गलती मान रहे हैं.
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गौरतलब है कि मनोज सिन्हा ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान पहलगाम की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा था कि यह घटना एक सुरक्षा चूक थी, मैं इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं. उन्होंने यह भी कहा था कि आम धारणा रही है कि आतंकी पर्यटकों को निशाना नहीं बनाते और जिस जगह हमला हुआ, वह खुला मैदान है.
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