बेंगलुरु भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के खिलाफ आपराधिक मामले दायर करने की मंजूरी दे दी है. ये फैसला मंत्रिमंडल की बैठक में जस्टिस माइकल डी’कुन्हा आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद लिया गया है. आयोग की इस रिपोर्ट में कई अनियमितताओं और गड़बड़ियों का खुलासा किया गया है, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की जा रही है.

जस्टिस माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता में गठित आयोग ने आरसीबी और केएससीए से जुड़े विभिन्न मुद्दों की गहन जांच की थी. इस जांच में वित्तीय अनियमितताओं, प्रबंधन में पारदर्शिता की कमी और अन्य गंभीर उल्लंघनों के सबूत सामने आए. आयोग की रिपोर्ट में इन संगठनों द्वारा नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों का उल्लेख किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने गंभीरता से लिया.

मंत्रिमंडल की बैठक में इस रिपोर्ट को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया और इसके आधार पर आरसीबी और केएससीए के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने का फैसला लिया गया है. ये कदम खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

यह भी पढ़ें: व‍िराट कोहली ही जिम्मेदार! कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु भगदड़ केस में सौंपी रिपोर्ट, गंभीर लापरवाह‍ियों का ज‍िक्र

सामने आया विराट कोहली का भी नाम

रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 जून को हुई इस पूरी घटना में विराट कोहली का भी नाम सामने आया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विराट कोहली ने एक वीडियो में फैन्स से फ्री में व‍िक्ट्री परेड में आने की अपील की थी.

बिना अनुमति के हुआ इवेंट

रिपोर्ट में कहा गया है कि इवेंट आयोजक DNA Networks Pvt. Ltd ने 3 जून को पुलिस को सिर्फ सूचना दी, लेकिन 2009 के आदेश के मुताबिक जरूरी इजाजत नहीं ली. इस वजह से पुलिस ने इवेंट की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इसके बावजूद आरसीबी ने सोशल मीडिया पर 4 जून को सार्वजनिक रूप से इवेंट का प्रचार किया.

इवेंट में पहुंची थी भारी भीड़

वहीं, विराट कोहली ने एक वीडियो साझा कर फैन्स से फ्री एंट्री के रूप में विक्ट्री परेड में आने की अपील की थी. रिपोर्ट में बताया कि इवेंट में उम्मीद से ज्यादा भीड़ पहुंच गई, जिससे व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गई. जिसके परिणाम स्वरूप भगदड़ मच गई. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इवेंट में तीन लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ पहुंची थी.

वहीं, इवेंट के शुरू होने से कुछ देर पहले करीब दोपहर सवा तीन बजे इवेंट के आयोजकों ने ऐलान किया कि स्टेडियम में एंट्री के लिए पास होना जरूरी है. इसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भीड़ अनियंत्रित हो गई.

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरसीबी, डीएनए और KSCA (कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन) के बीच समन्वय की भारी कमी रही. गेट खोलने में देरी और अव्यवस्था के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 7 पुलिसकर्मी घायल हुए. वहीं, घटना के बाद पुलिस ने एक सीमित कार्यक्रम करने की मंजूरी दी थी.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *