भारत ब्लॉक पार्टियों की बैठक: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने जा रहा है. जिसे लेकर इंडिया गठबंधन ने कमर कस ली है. शनिवार को इंडिया गठबंधन की बैठक का आयोजन हुआ. इस बैठक में कई दलों के नेता ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया.
इस बैठक में मोदी सरकार को घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है. इस बैठक में आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने हिस्सा नहीं लिया.
बैठक में क्या-क्या हुआ?
बैठक का आयोजन ‘देश बचाओ, बीजेपी हटाओ’ के नारे के साथ किया गया. इस बैठक में ज्यादातर नेताओं ने पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दे को उठाया. नेताओं का कहना था कि अभी तक पहलगाम हमले मामले में न्याय नहीं मिला है. सरकार का इंटेलिजेंस हमले को रोकने में विफल रही.
कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने प्रेस वार्ता कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मानसून सत्र में उपलब्ध रहना होगा और विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए.
उन्होंने बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘अघोषित आपातकाल’ के कारण लोगों को मताधिकार खतरे में हैं. इसके खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने की योजना बनाई गई है.
8 प्रमुख मुद्दों पर बनी रणनीति
बैठक में जिन 8 मुद्दों को सबसे अहम माना गया, वे हैं:
- पहलगाम आतंकी हमला और खुफिया तंत्र की विफलता
- ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी सुरक्षा चिंता
- सीज़फायर और उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया (ट्रंप बयान)
- भारत की विदेश नीति – अमेरिका, चीन और पाकिस्तान को लेकर
- डिलिमिटेशन (सीमा पुनर्निर्धारण) से जुड़े सवाल
- पिछड़े वर्गों और दलितों पर अत्याचार
- अहमदाबाद विमान हादसा
- सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग
तमिलनाडु से राज्यसभा के पूर्व सदस्य डी राजा ने राहुल गांधी के उस टिप्पणी पर आपत्ति जताया जिसमें कांग्रेस नेता ने केरल के सीपीएम और आरएसएस की तुलना कर डाली थी. हालांकि, उन्होंने राहुल का नाम नहीं लिया.
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बैठक में कौन-कौन नेता हुए शामिल?
- जयन्त पाटिल
- जयराम रमेश
- एमए बेबी (सीपीएम)
- प्रोफेसर केएम कादर (आईयूएमएल)
- पीके कुन्हालीकुट्टी (आईयूएमएल)
- हेमन्त सोरेन (झामुमो)
- तेजस्वी यादव (राजद)
- तिरुचि शिवा (डीएमके)
- शरद पवार (एनसीपी)
- मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस)
- अभिषेक बनर्जी (टीएमसी)
- राहुल गांधी (कांग्रेस)
- सोनिया गांधी (कांग्रेस)
- रामगोपाल यादव (एसपी)
- डी राजा (सीपीआई)
- एनके प्रेमचंद्रन (आरएसपी)
- उद्धव ठाकरे (एसएस)
- संजय राउत (एसएस)
- उमर अब्दुल्ला (नेकां)
- तिरुमावलन (वीसीके)
- जोस के मणि (केरल कांग्रेस)
मोदी सरकार इस बार 8 नए विधेयक लाने की तैयारी
- आयकर विधेयक, 2025 – 1961 पुराने कानून को सरल बनाने के उद्देश्य से
- कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 – सुधारों के लिए आवश्यक संशोधन
- जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 – व्यवसाय में सरलता और कानूनी व्यवस्था को बढ़ावा.
- मणिपुर जीएसटी (संशोधन) विधेयक, 2025 – मराठा कानून को केंद्र के रूप में बनाया जाएगा.
- भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 – IIM शैक्षणिक संस्थान को आधिकारिक रूप से शामिल करने का उद्देश्य.
- भू-विरासत स्थल एवं भू-अवशेष विधेयक, 2025 – राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक खनिजों के संरक्षण हेतु.
- खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2025 – खनन क्षेत्र में विशेष संशोधन, महत्वपूर्ण खनिजों की प्राप्ति और गहन खोज क्षेत्र में वृद्धि का प्रस्ताव.
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक, 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक, 2025 – खेल अच्छी शासन व्यवस्था, खिलाड़ी कल्याण, वाडा वास्तुकला नीति और स्वतंत्र अपील समिति की व्यवस्था में.
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