दिल्ली अपराध – दिल्ली में हाशिम बाबा गांग के शार्पशूट ने अमेरिकी पिस्तौल के साथ कई हाउट को गिरफ्तार किया – हशी बाबा गैंग शार्कशोटर ने हमें चांदनी महाल दिल्ली ओप्नम 2 में पिस्तौल बनाया


दिल्ली पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है. यहां चांदनी महल इलाके से कुख्यात हाशिम बाबा गैंग के एक शार्पशूटर को पुलिस ने धर दबोचा है. उसके पास से अमेरिका निर्मित एक पिस्टल और जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद की गई है. आरोपी की पहचान नदीम उर्फ कालिया के रूप में हुई है. वो इसी साल फरवरी में जेल से रिहा हुआ था. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को हाशिम बाबा गैंग की सक्रियता की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने 20 जुलाई की रात चांदनी महल के गली तख्त वाली इलाके में जाल बिछाया. इसी बीच शार्पशूटर नदीम वहां पहुंचा. पुलिस ने उसे घेर लिया. इसके बाद वो पिस्टल लहराते हुए भागने की कोशिश करने लगा. लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने उसे दौड़ाकर धर दबोचा लिया. पुलिस ने उसकी तलाशी ली.

इस दौरान उसके पास से एक अमेरिकी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद हुई है. पुलिस की पूछताछ के दौरान आरोपी बदमाश न तो हथियार का लाइसेंस दिखा सका और न ही इसके स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब दे पाया. पुलिस का कहना है कि आरोपी जाफराबाद थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर अपराधी है. दिल्ली के कई कुख्यात गिरोहों जैसे छेनू, नासिर और हाशिम बाबा से सीधा जुड़ा रहा है.

पुलिस उपायुक्त (मध्य) निधिन वलसन ने बताया कि आरोपी नदीम के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका), हत्या, डकैती और अवैध हथियार रखने जैसे संगीन मामलों में 13 से ज्यादा केस दर्ज हैं. पुलिस हिरासत में उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने न सिर्फ हथियार तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकारी, बल्कि अपने ठिकाने का भी खुलासा कर दिया. इसके बाद पुलिस ने वहां दबिश दी.

उसके ठिकाने से दो तमंचे और 10 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है. इस ऑपरेशन के जरिए पुलिस ने एक सक्रिय सप्लाई चैन का सिरा पकड़ने का दावा किया है. पुलिस ने बताया कि साल 2005 में नदीम को पहली बार आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था. जेल से ही उसने संगठित अपराध की दुनिया में गहरी पैठ बनानी शुरू कर दी. साल 2017 में उसने अतहर अब्बास नामक व्यक्ति की हत्या की थी.

इसके बाद उसकी पहचान एक खतरनाक शूटर्स के रूप में होने लगी. हाशिम बाबा गैंग में शामिल होकर वो वसूली, हथियार तस्करी और विरोधियों को ठिकाने लगाने जैसे कामों में लिप्त हो गया. साल 2019 में उस पर मकोका के तहत कार्रवाई हुई थी, लेकिन फरवरी 2025 में जेल से रिहा होने के कुछ ही महीनों में उसने दोबारा अपनी पुरानी राह पकड़ ली. उसने अवैध हथियारों की सप्लाई शुरू कर दी.

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नदीम बिहार के मुंगेर और उत्तर प्रदेश के कुछ सीमावर्ती इलाकों से अवैध हथियार मंगवाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था. इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में हथियारों की तस्करी और यहां सक्रिय गैंग के नेटवर्क पर अपनी निगरानी और तेज कर दी है. पुलिस का मानना है कि नदीम की गिरफ्तारी से कई पुराने केस भी खुल सकते हैं.

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