क्लास में बात करने की इतनी बड़ी सजा! टीचर ने लगवाईं 400 उठक-बैठक, बिगड़ी छात्र की तबीयत – big punishment for talking in class Teacher made student do 400 sit ups student health deteriorated ntc


देहरादून में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एनडीए की तैयारी कर रहे छात्र से अकादमी के शिक्षक ने सजा के नाम पर 400 उठक-बैठक लगवाईं. इसके बाद छात्र की तबीयत बिगड़ गई और उसे 18 दिन अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. छात्र के पिता ने शिलांग पुलिस को मामले की जानकारी दी तो पुलिस ने केस देहरादून की वसंत विहार पुलिस को ट्रांसफर कर दिया. पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है.

शिलांग निवासी मनजीत कुमार बर्मन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार में फायर फाइटर के पद पर तैनात हैं. उनकी शिकायत के अनुसार, उन्होंने 15 अप्रैल 2025 को अपने बेटे का एडमिशन बल्लूपुर चौक स्थित सेंचुरियन डिफेंस एकेडमी में एनडीए की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए कराया था.

क्लास में बात करने की मिली सजा

4 जुलाई को अकादमी के शिक्षक जय ने उनके बेटे वर्गव बर्मन और उसके सहपाठी को क्लास में बात करते हुए सुन लिया. क्लास खत्म होने के बाद शिक्षक ने उनके बेटे और उसके दोस्त को बाहर बुलाया और डांट लगाते हुए 400 उठक-बैठक लगाने को कहा. उसके बाद दोनों बच्चों ने उठक-बैठक लगानी शुरू कर दी. शिक्षक ने दूसरे बच्चे को छोड़ दिया लेकिन उनके बेटे से पूरी उठक-बैठक लगवाई.

डर के चलते परिवार से छिपाई बात

उस समय वर्गव ठीक था लेकिन अगले दिन सुबह पीठ और दोनों घुटनों में सूजन और खिंचाव आ गया जिस कारण वह अकादमी नहीं जा पाया. डर के कारण बेटे ने अपने परिवार को सूचना नहीं दी और दर्द निवारक दवा लेता रहा. जब बेटे की हालत अधिक गंभीर हो गई तो उन्हें इस बारे में पता चला और परिजन देहरादून पहुंचे.

माफीनामा लिखकर ठंडे बस्ते में डाल दिया मामला

10 जुलाई को उन्होंने ईमेल से अकादमी के अधिकारियों से शिकायत कर शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. अकादमी की ओर से केवल माफीनामा लिखकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया और कहा कि उनका बेटा अकादमी के पास ही एक पीजी में रहता है. उन्होंने ही उसका ख्याल रखा और अस्पताल में भर्ती कराया. सीओ विवेक सिंह कुटियाल ने बताया कि वर्गव बर्मन के पिता मनजीत बर्मन की शिकायत के आधार पर आरोपी शिक्षक जय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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