पाकिस्तान के आर्मी चीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर चीन दौरे पर हैं. उनका यह दौरा चीन और पाकिस्तान की साझा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. यह यात्रा भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चेबंदी का हिस्सा मानी जा रही है, जिसने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया था.
उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. वांग यी ने मुनीर को पाकिस्तानी सेना का फील्ड मार्शल बनाए जाने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना चीन-पाक की दोस्ती की समर्थक है और राष्ट्रहितों की प्रबल रक्षक है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तानी सेना चीन-पाकिस्तान संबंधों के विकास के लिए आगे भी प्रयास करती रहेगी.
वांग यी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान सदाबहार दोस्त हैं. दोनों की दोस्ती अटूट है. दोनों पक्ष एक-दूसरे के मूल हितों से जुड़े मुद्दों पर एक दूसरे का समर्थन करेत हैं और हर मुश्किल घड़ी में और चुनौतियों में एक दूसरे के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं. हाल के वर्षों में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तानी नेताओं के मार्गदर्शन में चीन-पाकिस्तान संबंध लगातार आगे बढ़े हैं और दोनों पक्षों ने नए युग में साझा भविष्य वाले चीन-पाकिस्तान समुदाय के निर्माण की दिशा में गति तेज कर दी है.

उन्होंने कहा कि चीन हमेशा की तरह पाकिस्तान को अपनी पड़ोसी कूटनीति में प्राथमिकता देगा और पाकिस्तान के साथ मिलकर दोनों देशों के नेताओं द्वारा तय किए गए महत्वपूर्ण समझौतों को लागू करने के लिए तैयार है. चीन-पाकिस्तान के हर मौसम की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहराई देने, दोनों देशों की जनता को अधिक लाभ पहुंचाने और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बनाए रखने में अपना उचित योगदान देने के लिए चीन प्रतिबद्ध है.
मुनीर क्या बोले?
चीन दौरे पर पहुंचे मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान और चीन की भाईचारे पर आधारित दोस्ती और पार्टनरशिप समय की कसौटी पर खरी उतरी है और चट्टान की तरह मजबूत है. चीन, पाकिस्तान का Iron Brother है. चीन के साथ मैत्रीपूर्ण सहयोग को बढ़ावा देना पूरे पाकिस्तानी समाज की साझा इच्छा है. उन्होंने पाकिस्तान के आर्थिक और सामाजिक विकास में चीन द्वारा लंबे समय से दिए जा रहे बहुमूल्य समर्थन के लिए ईमानदारी से आभार जताया.
मुनीर ने ये भी कहा कि पाकिस्तानी सेना चीन के नागरिकों, उनके प्रोजेक्ट और संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना जारी रखेगी. साथ ही आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों के बीच सहयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने के लिए तैयार है. दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया जिनमें उनकी साझा रुचि है.
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