हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह भगदड़ मच गई, जिसमें छह लोगों की मौत हुई है. जानकारी के मुताबिक कांवड़ यात्रा के बाद रास्ता खुलने से भारी तादाद में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे और भीड़ की वजह से अफरा-तफरी मच गई. हादसे में 15 लोगों घायल भी हुए हैं. प्रशासन ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मनसा देवी में मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर यह भगदड़ हुई है और प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति काबू में है. चश्मदीद के मुताबिक सीढ़ियों पर लगे बिजली के एक पिलर में शॉर्ट सर्किट की अफवाह उड़ी थी, जिसके बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों पर हुए भगदड़ की घटनाओं में कई लोगों के जान गंवानी पड़ी है.

29 जून, 2025: पुरी में रथ यात्रा के दौरान देवताओं के रथों के पास भगदड़ मचने से दो महिलाओं सहित तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कम से कम 50 घायल हो गए.

03 मई, 2025: शनिवार को उत्तरी गोवा में एक मंदिर उत्सव के दौरान भगदड़ मचने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.

08 जनवरी, 2025: तिरुपति में भगदड़ में 6 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, क्योंकि लोग तिरुमाला मंदिर में वैकुंठ एकादशी उत्सव के लिए टिकट लेने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे.

12 अगस्त, 2024: बिहार के जहानाबाद जिले के मखदुमपुर क्षेत्र में बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भगदड़ मचने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और नौ घायल हो गए.

02 जुलाई, 2024: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक ‘सत्संग’ के दौरान हुई भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई. यह भगदड़ बाबा नारायण हरि उर्फ साकार विश्व हरि ‘भोले बाबा’ के समागम में हुई थी, जो एक पूर्व पुलिसकर्मी थे और दो दशक पहले धार्मिक उपदेशक बन गए थे और खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनके अनुयायी बढ़ गए थे.

31 मार्च, 2023: इंदौर शहर के एक मंदिर में रामनवमी के अवसर पर आयोजित ‘हवन’ कार्यक्रम के दौरान एक प्राचीन ‘बावड़ी’ या कुएं के ऊपर बनी स्लैब गिरने से कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई.

01 जनवरी, 2022: जम्मू-कश्मीर में प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा घायल हो गए.

14 जुलाई, 2015: आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी में ‘पुष्करम’ उत्सव के उद्घाटन के दिन गोदावरी नदी के तट पर एक प्रमुख स्नान स्थल पर भगदड़ मचने से 27 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई और 20 अन्य घायल हो गए.

03 अक्टूबर, 2014: दशहरा समारोह समाप्त होने के तुरंत बाद पटना के गांधी मैदान में भगदड़ मचने से 32 लोग मारे गए और 26 अन्य घायल हो गए.

13 अक्टूबर, 2013: मध्य प्रदेश के दतिया ज़िले में रतनगढ़ मंदिर के पास नवरात्रि उत्सव के दौरान मची भगदड़ में 115 लोग मारे गए और 100 से ज़्यादा घायल हो गए. भगदड़ इस अफ़वाह के कारण मची कि जिस नदी के पुल को श्रद्धालु पार कर रहे थे, वह टूटने वाला है.

19 नवंबर, 2012: पटना में गंगा नदी के किनारे अदालत घाट पर छठ पूजा के दौरान एक अस्थायी पुल के ढह जाने से मची भगदड़ में करीब 20 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

14 जनवरी, 2011: केरल के सबरीमाला मंदिर में भगदड़ में 106 तीर्थयात्री मारे गए, 100 से ज्यादा लोग घायल हुए.

04 मार्च, 2010: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कृपालु महाराज के राम जानकी मंदिर में भगदड़ मचने से लगभग 63 लोगों की मौत हो गई, क्योंकि लोग स्वयंभू बाबा से मुफ्त कपड़े और भोजन लेने के लिए जमा हुए थे.

30 सितंबर, 2008: राजस्थान के जोधपुर शहर में चामुंडा देवी मंदिर में बम विस्फोट की अफवाह के कारण मची भगदड़ में लगभग 250 श्रद्धालु मारे गए और 60 से ज्यादा घायल हुए.

03 अगस्त, 2008: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नैना देवी मंदिर में चट्टान गिरने की अफवाह के कारण मची भगदड़ में 162 लोग मारे गए, 47 घायल हुए.

25 जनवरी, 2005: महाराष्ट्र के सतारा ज़िले में मंधारदेवी मंदिर में वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान 340 से ज़्यादा श्रद्धालु कुचलकर मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए. यह दुर्घटना तब हुई जब कुछ लोग नारियल तोड़ते समय फिसलन भरी सीढ़ियों पर गिर गए.

27 अगस्त, 2003: महाराष्ट्र के नासिक जिले में कुंभ मेले में पवित्र स्नान के दौरान भगदड़ में 39 लोग मारे गए और लगभग 140 घायल हो गए.

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