Bihar News: बिहार में पूर्णिया की विभा देवी की कहानी सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि उस समाज की चुप्पी का आईना है जहां इंसानियत को पैसों में तोला जाता है. जब वो सिर्फ 13 साल की थी, तब उसकी अपनी ही सगी बड़ी मां ने उसे यूपी के एक शादीशुदा मजदूर के हाथ 2 लाख में बेच दिया. वहीं से उसकी जिंदगी की त्रासदी शुरू हुई.
पहली शादी में बेटी हुई, पति छोड़ गया
वर्ष 2011 में बड़ी मां ने विभा की शादी मथुरा निवासी सुरेश राम से कर दी. एक साल में ही उसे पता चला कि सुरेश पहले से शादीशुदा था. सुरेश ने पैसे में उसका सौदा किया था ये बात खुद उसने नशे में मारपीट करते हुए कबूल की. विभा ने मजदूरी कर किसी तरह जिंदगी को संभालने की कोशिश की, लेकिन 2018 में जब उसने दूसरी बेटी को जन्म दिया, तो सुरेश ने कथित रूप से बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी.
अब वही महिला पूर्णिया में दर-दर भटक रही है
पहले पति के भाग जाने के बाद विभा अपनी बेटी को लेकर पूर्णिया लौट आई, जहां उसे उम्मीद थी कि बड़ी मां अब उसे सहारा देगी. लेकिन इस बार भी वही धोखा मिला। बड़ी मां ने उसे और उसकी बेटी को एक लाख रुपए में दोबारा बेच डाला. इस दूसरी शादी से उसे एक बेटा हुआ, लेकिन कुछ वर्षों बाद दूसरा पति भी उसे छोड़ गया.
बड़ी मां ने ‘अच्छी परवरिश’ के नाम पर ले आई थी साथ
विभा अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के हरिपुर काला की रहने वाली है. जब वह 5 साल की थी, उसके पिता झबरू राम की मौत हो गई. बड़ी मां उसे यह कहकर अपने साथ पूर्णिया ले गई थी कि वो अच्छी परवरिश करेगी. लेकिन 7 साल बाद उसने शादी के नाम पर बेच दिया.
दो छोटे बच्चों को लेकर भटक रही विभा
आज 27 वर्षीय विभा देवी अपने दोनों बच्चों को लेकर पूर्णिया की गलियों में भटक रही है. उसके पास न घर है, न काम. उसकी आपबीती समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है जहां गरीब बेटियों का सौदा उसी घर के लोग करते हैं जिन पर सबसे ज्यादा भरोसा होता है.
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