‘ट्रंप टैरिफ’ के बाद भारत ने ठुकराया F-35 जेट खरीदने का ऑफर? आया विदेश मंत्रालय का जवाब – India rejects US offer to buy f 35 jets after trump tarrif Mea reacts ntcprk


टैरिफ को लेकर अमेरिका से तनातनी के बीच ऐसी खबरें आ रही थीं कि अमेरिका ने भारत को F-35 जेट खरीदने का ऑफर दिया था लेकिन अब भारत ने जेट्स खरीदने से इनकार कर दिया है. इस खबर पर विदेश मंत्रालय की टिप्पणी सामने आई है. लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि इस मुद्दे पर अमेरिका से अभी तक कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है.

दरअसल, विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या अमेरिका ने भारत को F-35 जेट खरीदने का ऑफर दिया है? ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया कि भारत ने अमेरिका के इस ऑफर को ठुकरा दिया है. जबाव में विदेश मंत्रालय ने लोकसभा में लिखित रूप से कहा, ‘इस मुद्दे पर अभी तक कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई है.’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की है.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी है और हाल के समय में इसमें और मजबूती आई है. ये साझेदारी आगे भी चलती रहेगी. अमेरिका के साथ मिलकर हमने 21वीं सदी के इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट पार्टनरशिप बनाई है जो संबंधों को और आगे ले जाएगी. जहां तब F-35 का सवाल है, इस संबंध में संबंधित मंत्रालय सही जवाब दे पाएगा.’

ईरान से व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियों पर बैन को लेकर कहा बोला MEA?

रणधीर जायसवाल ने ईरान के साथ व्यापार करने वाली भारतीय कंपनियों पर अमेरिका के प्रतिबंधों के संबंध में एक सवाल का जवाब दिया. उन्होंने कहा, ‘हमने प्रतिबंधों पर ध्यान दिया है और हम इस पर विचार कर रहे हैं.’

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता चल रही है और इसी बीच अन्य देशों की तरह भारत पर भी ट्रंप ने टैरिफ (25%) लगा दिया है.

टैरिफ को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘जहां तक टैरिफ का मामला है, इस पर सरकार की तरफ से एक बयान जारी किया गया है. और जहां तक व्हाइट हाउस के बयान का सवाल है, इसे व्हाइट हाउस से पूछा जाए तो ज्यादा बेहतर होगा.’

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत रक्षा और सुरक्षा साझेदारी है. जायसवाल ने कहा, ‘इस साझेदारी ने कई बदलावों और चुनौतियों का सामना किया है. हम उस ठोस एजेंडे पर फोकस करते हैं जिसके लिए हमारे दोनों देश प्रतिबद्ध हैं और हमें विश्वास है कि ये संबंध आगे भी जारी रहेगा.’

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