अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ और जुर्माने का ऐलान बुधवार को किया था, जो एक अगस्‍त से लागू होने वाला था. जिस कारण गुरुवार को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन अब US की तरफ से इसे एक सप्‍ताह के लिए रोक दिया गया है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर देखा जा रहा है. भारतीय बाजार में उम्‍मीद के मुताबिक उतनी बड़ी गिरावट नहीं है.

शुक्रवार को सेंसेक्‍स 280  अंक गिरकर 80900 पर कारोबार कर रहा है, जबकि Nifty 115 अंक गिरकर 24653 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी बैंक 145 अंक गिरकर 55840 पर है. स्‍मॉलकैप और मिडकैप में भी बड़ी गिरावट आई है. BSE के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर तेजी पर हैं, जबकि 22 शयेरों में गिरावट दिख रही है. सबसे ज्‍यादा गिरावट सनफार्मा, टाटा मोटर्स और टाटा स्‍टील के शेयरों आई है.

सिर्फ ट्रंप टैरिफ वजह नहीं, इन कारणों से टूट रहा बाजार
ये गिरावट सिर्फ ट्रंप की टैरिफ की वजह से नहीं है, बल्कि कंपनियों के नतीजे खराब आने की वजह से है. Sunpharma के शेयर शुरुआती कारोबार में 5 फीसदी इसलिए गिर गए, क्‍योंकि इसके नेट प्रॉफिट में 20 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं टाटा मोटर्स अपने ऑटो सेगमेंट में सबसे बड़ी डील कर रहा है, जिसका असर उसके शेयरों पर पड़ा है. वहीं आईटी सेक्‍टर में बिकवाली भी बाजार में गिरावट का कारण है.

ट्रंप टैरिफ भारतीय बाजार के लिए ट्रिगर पॉइंट!
कुछ एक्‍सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि अब मार्केट में ट्रंप के टैरिफ का डर खत्‍म हो गया, क्‍योंकि FII को जितने पैसे निकालने थे उतने निकाल चुके हैं. ऐसे में उम्‍मीद की जा रही है कि ट्रंप का ये टैरिफ भारतीय बाजार में तेजी का ‘ट्रिगर पॉइंट’ बन सकता है. क्‍योंकि जैसे ही भारत पर से टैरिफ का दबाव हटेगा… भारतीय बाजार में शानदार तेजी आ सकती है. कुछ अनुमान तो यहां तक कह रहे हैं कि तेजी ऐसी भी हो सकती है कि शायद दोबारा भारतीय बाजार इस लेवल पर ना दिखे.

क्‍यों ट्रंप का टैरिफ बना रहा ट्रिगर पॉइंट?
ट्रंप के टैरिफ की वजह से अप्रैल से ही मार्केट में कई बार गिरावट आई है. लेकिन जैसे ही टैरिफ हटने के संकेत मिले तो मार्केट ने जबरदस्‍त तेजी दिखाई. ऐसे में निवेशक इस विश्‍वास में हैं कि US और भारत के बीच व्‍यापार डील होने पर टैरिफ कम होने की पूरी संभावना होगी, जिससे मार्केट में रैली आ सकती है और यह डील सितंबर, अक्‍टूबर तक फाइनल हो सकता है, क्‍योंकि 25 अगस्‍त को अमेरिकी टीम भारत व्‍यापार वार्ता के लिए आने वाली है.

सिर्फ 1 अच्‍छी खबर का इंतजार!

भारतीय बाजार को सिर्फ एक अच्‍छी खबर का इंतजार है, क्‍योंकि दबाव एब्जॉर्ब कर चुका है बाजार और अब कोई भी अच्छी खबर ट्रिगर पॉइंट साबित हो सकता है. वहीं अगर 7 दिन के भीतर भारत-अमेरिका के व्‍यापार डील का ऐलान होता है और टैरिफ कम करने पर सहमति बनती है तो विदेशी निवेशकों के साथ घरेलू और रिटेल निवेशक घरेलू बाजार में जमकर खरीदारी कर सकते हैं.

विदेशी निवेशक कर चुके हैं बिकवाली!
दूसरा कारण- विदेशी निवेशकों ने पिछले कुछ दिनों में जमकर बिकवाली की है. जुलाई में FIIs ने ₹28,528 करोड़ निकाले हैं, जबकि 4 महीने में सिर्फ ₹24,011 करोड़ का निवेश किया है. यानी निवेश से ज्‍यादा 1 महीने में ही विदेशी निवेशक पैसे निकाल चुके हैं. इसका मतलब है कि अब विदेशी निवेशक मौका देखकर निवेश की रणनीति बना सकते हैं.

कंपनियों के अच्‍छे नतीजे
बैंकिंग, फाइनेंस कंपनियों और कुछ लार्जकैप सेक्‍टर की कंपनियों जैसे RIL, ICICI Bank, HDFC Bank और M&M समेत कुछ आईटी सेक्‍टर की कंपनियों के भी नतीजे सही रहे हैं. यानी पूरे मार्केट में देखा जाए तो कंपनियों का मिला-जुला रिजल्‍ट रहा है, यह तुलना साल दर साल पर है. लेकिन अगर पिछली तिमाही से तुलना की जाए तो नतीजे अच्‍छे रहे हैं. यह फैक्‍टर भी मार्केट में तेजी की संभावना को जन्‍म दे सकता है.

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