कभी चहेते रहे ट्रंप पर भड़के इंड‍ियन नेट‍िजेंस, टैर‍िफ बढ़ने पर ठाना अमेरिकी कंपनियों का बहिष्कार – Once loved Trump now faces backlash on Indian internet over trade tariffs ntcpmm


कभी अपनी ‘भारत समर्थक’ छवि और मजेदार अंदाज के लिए भारतीयों के चहेते रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब भारतीय इंटरनेट पर गुस्से का सामना कर रहे हैं. लोग सोशल मीडिया पर अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं और ट्रंप के खिलाफ तीखी बातें कह रहे हैं. इसका कारण है भारत के रूसी तेल खरीदने पर ट्रंप द्वारा भारतीय सामान पर 50% टैरिफ लगाना.

ट्रंप का टैरिफ और भारतीयों का गुस्सा

ट्रंप ने दो चरणों में भारतीय सामान पर 50% टैरिफ थोपा है, क्योंकि भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है. इससे भारतीय यूजर्स भड़क गए हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है. इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम की एक हैशटैग और कीवर्ड एनालिसिस के मुताबिक, भारत में X पर ट्रंप के खिलाफ नाराजगी तेजी से बढ़ी है. पिछले सात दिनों में 47,000 से ज्यादा पोस्ट्स में अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ “बैन” और “बॉयकॉट” जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ है.

कौन-सी कंपनियां निशाने पर?

भारतीय यूजर्स ने कई बड़ी अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाया है. X पर:10,000 से ज्यादा पोस्ट्स में कोका-कोला पर बैन की मांग की गई.
9,100 से ज्यादा पोस्ट्स में फेसबुक का जिक्र.
5,200 से ज्यादा पोस्ट्स में स्टारबक्स के बॉयकॉट की बात.
2,700 पोस्ट्स में पिज्जा हट और 5,000 से ज्यादा में KFC के खिलाफ लिखा गया.

1 अगस्त से 7 अगस्त (दोपहर 3 बजे तक) के बीच 10,000 से ज्यादा पोस्ट्स में “Boycott USA”, “Boycott US” और “Boycott America” जैसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल हुआ.

ट्रंप पर निजी हमले

भारतीय यूजर्स का गुस्सा सिर्फ कंपनियों तक सीमित नहीं है. कई लोग ट्रंप के खिलाफ #TrumpIsUnfitForOffice और “Arrest Trump” जैसे कैंपेन चला रहे हैं. इन कीवर्ड्स के साथ क्रमशः 1,500 और 1,900 से ज्यादा पोस्ट्स की गईं.

करीब 300 यूजर्स ने 3,000 से ज्यादा पोस्ट्स में ट्रंप के लिए अपशब्द और निजी हमले किए. यह गुस्सा सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. पिछले सात दिनों में दुनियाभर में 2.84 लाख X पोस्ट्स में ट्रंप के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ है.

भारत में पहली बार इतना बड़ा विरोध

यह पहली बार है जब भारत में अमेरिकी प्रोडक्ट्स और कंपनियों के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर बहिष्कार की मांग उठी है. तीन महीने पहले कनाडा में भी ऐसा ही विरोध देखा गया था, जहां लोगों ने अमेरिकी कॉफी ‘अमेरिकानो’ का नाम बदलकर ‘कनाडियानो’ कर दिया था. यूरोप में भी अमेरिकी विदेश नीति से नाराज लोग अमेरिकी ब्रांड्स से मुंह मोड़ रहे हैं.

ट्रंप टावर पर भारी टैक्स की मांग

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने गुरुग्राम, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और पुणे में ट्रंप टावर के लग्जरी अपार्टमेंट्स की खरीद पर भारी टैक्स लगाने की मांग की है. ट्रंप टावर, ट्रंप ऑर्गनाइजेशन का प्रोजेक्ट है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी राजनीतिक शुरुआत से पहले शुरू किया था. लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि ट्रंप एक तरफ भारत पर टैरिफ लगाकर अमेरिकी खजाने को भर रहे हैं, दूसरी तरफ भारत में ट्रंप टावर बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.

ट्रंप ने भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहा था, लेकिन फिर भी भारत में ट्रंप टावर की बिक्री से उन्होंने 175 करोड़ रुपये कमाए. गुरुग्राम में एक नए प्रोजेक्ट की सारी यूनिट्स पहले ही दिन बिक गईं. अब ट्रंप टावर नोएडा, पुणे, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी विस्तार कर रहा है.

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