सीबीएसई गवर्निंग बॉडी ने 9वीं कक्षा के लिए ओपन बुक असेसमेंट स्ट्रैटजी (OBAS) को शुरू करने के लिए दिए गए प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है. बोर्ड की पाठ्यक्रम समिति की ओर से कक्षा नौ के लिए यह प्रस्ताव दिया गया था, जो सत्र 2026-27 से शुरू होगा.

यह कदम स्कूली शिक्षा के लिए नेशनल कैरिकुलम फ्रेम वर्क ऑफ स्कूल एजुकेशन
(NCFSE) जुड़ा हुआ है. इसके तहत 2023 में रटने वाली शिक्षा पद्धति को योग्यता-आधारित शिक्षा में शिफ्ट करने पर जोर दिया गया है. बच्चों में चीजों को याद रखने से कही ज्यादा उससे पूरी तरह से समझने में मदद मिलेगी.

छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी कई मुश्किलें दूर हो जाएगी
एक पायलट स्टडी में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी मुश्किलों को उजागर किया गया. वहीं परीक्षा के दबाव को कम करने और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने में ओबीएस की क्षमता को लेकर शिक्षकों की जो उम्मीद बंधी है, उसे भी उजागर किया है.

नॉलेज बेस्ड शिक्षा को मिलेगा बल
इस योजना में मुख्य विषयों में प्रत्येक सत्र में तीन पेन-पेपर मूल्यांकनों में ओबीएएस को शामिल होगा. इससे स्टैंडराइज्ड मॉडल पेपर और गाइडेंस के साथ छात्रों को रेफरेंस मैटेरियल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने में और अपने ज्ञान को प्रासंगिक तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी.

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गवर्निंग बॉडी ने इस वर्ष 25 जून को हुई अपनी बैठक में इन सिफारिशों को अनुमोदित कर दिया है. ओपेन बुक असेसमेंट स्ट्रैटजी से विद्यार्थियों के परफरमेंस पर काफी असर पड़ेगा. उनमें आत्मविश्वास बढ़ने के साथ रटने की प्रवृति भी खत्म होगी.

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