Indian Economy: अमेरिका की S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने गुरुवार को भारत बीबीबी में अपग्रेड कर दिया है. एजेंसी ने कहा- “भारत दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है.” रेटिंग एजेंसी ने मजबूत आर्थिक वृद्धि, राजकोषीय मजबूती के लिए 19 साल बाद भारत की रेटिंग बढ़ायी है.
क्या है BBB रेटिंग ?
‘बीबीबी’ निवेश स्तर की रेटिंग है और यह देश की अपने कर्ज दायित्वों को आसानी से चुकाने की बेहतर क्षमता को बताती है. S&P की रेटिंग स्केल में, BBB सबसे निचली निवेश-ग्रेड रेटिंग है, जो स्थिर आर्थिक स्थिति को दर्शाती है.
भारत ने आर्थिक लचीलापन और निरंतर राजकोषीय समेकन पर 'बीबीबी' में अपग्रेड किया; आउटलुक स्थिर: एस एंड पी ग्लोबल
"भारत दुनिया में सबसे अच्छी प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। इसने वित्त वर्ष 2022 (वर्ष-अंत मार्च… pic.twitter.com/ri4rppcjym– न तो (@ani) 14 अगस्त, 2025
अमेरिकी टैरिफ का बड़ा असर नहीं पड़ेगा : एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा, ‘‘भारत दुनिया में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है…पिछले पांच-छह साल में सरकारी खर्च की गुणवत्ता में सुधार हुआ है.’’एसएंडपी ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमेरिकी टैरिफ का असर प्रबंधन (management) के दायरे में होगा. भारत पर अगर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है तो इससे वृद्धि पर कोई बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है.
ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया था डेड, मिल गया करारा जवाब
एजेंसी ने कहा, ‘‘भारत व्यापार पर अपेक्षाकृत कम निर्भर है और इसकी लगभग 60 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि घरेलू खपत से आती है.’’ अमेरिकी एजेंसी की रेटिंग में यह सुधार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत को ‘मृत अर्थव्यवस्था’ कहे जाने के कुछ दिन बाद आया है. ट्रंप ने 27 अगस्त से भारतीय वस्तुओं पर अबतक का सबसे अधिक 50 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की है.
2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को 6.5 प्रतिशत : एसएंडपी
एसएंडपी ने कहा, ‘‘भारत का महामारी के निचले स्तर से उबरना इसे दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाता है. आर्थिक विस्तार अच्छी गति के साथ अधिक टिकाऊ स्तर की ओर बढ़ रहा है और यह स्थिति सामान्य हो रही है. हमारा अनुमान है कि उपभोक्ता और सार्वजनिक निवेश की मजबूती वित्त वर्ष 2025-26 में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर को 6.5 प्रतिशत और अगले तीन साल में औसतन 6.8 प्रतिशत तक पहुंचाएगी.’’
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की स्थिति होगी मजबूत
साख में सुधार से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी आएगी. एसएंडपी ने जनवरी 2007 में भारत को सबसे निचले निवेश स्तर की रेटिंग ‘बीबीबी-’ दी थी. यह किसी वैश्विक रेटिंग एजेंसी द्वारा साख में पहला सुधार है जिसमें भारत को सबसे निचले निवेश स्तर से एक पायदान ऊपर की रेटिंग दी गयी है.
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