ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जवानों का सम्मान, 36 वायु सैनिकों को मिलेगा वीरता पुरस्कार – Operation Sindoor Honoring soldiers involved 36 air warriors get bravery award Gallantry Awards ntc


ऑपरेशन सिंदूर में साहस और अदम्य शौर्य का परिचय देने वाले भारतीय वायुसेना के कुल 36 वायुसैनिकों को 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इसी क्रम में विंग कमांडर अभिमन्यु सिंह को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा. साथ ही 9 जवानों को वीर चक्र पुरस्कार से नवाजा जाएगा. इसमें 4 ग्रुप कैप्टन, एक विंग कमांडर, तीन स्क्वाड्रन लीडर और एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट शामिल हैं. जबकि 26 वायुसैनिकों को वायुसेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया जाएगा.

शौर्य चक्र

– विंग कमांडर अभिमन्यु सिंह

वीर चक्र पाने वाले जवान

– ग्रुप कैप्टन: आर. एस. सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनिमेष पाटनी, कुणाल कालरा

– विंग कमांडर: जॉय चंद्रा

– स्क्वाड्रन लीडर: सार्थक कुमार, सिद्धांत सिंह, रिज़वान मलिक

– फ्लाइट लेफ्टिनेंट: ए. एस. ठाकुर

BSF के 16 जवान भी होंगे सम्मानित

इसके साथ ही सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 16 जवानों को भी वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा. केंद्र सरकार ने इन पुरस्कारों की घोषणा 79वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर की.बीएसएफ ने बताया कि कुछ जवानों ने दुश्मन के निगरानी कैमरे नष्ट किए, तो कुछ ने पाकिस्तानी ड्रोन हमलों को नाकाम किया. यह पदक भारत की पहली रक्षा पंक्ति के रूप में बीएसएफ पर देश के विश्वास का प्रतीक हैं.

क्या था ऑपरेशन सिंदूर?

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 7 से 10 मई के बीच तीनों सेनाओं और बीएसएफ ने मिलकर पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चलाया था. ये कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 लोग (ज्यादातर पर्यटक) मारे गए थे.

BSF के ये जवान होंगे सम्मानित

ऑपरेशन सिंदूर में BSF के दो जवान शहीद हुए और 7 घायल हुए थे. सब-इंस्पेक्टर व्यास देव और कॉन्स्टेबल सुद्दी राभा को अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों को गोला-बारूद पहुंचाने के जोखिम भरे मिशन के लिए सम्मानित किया जाएगा. व्यास देव ने बाएं पैर के गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मोर्चा संभाले रखा और साथी जवानों को प्रेरित किया.

असिस्टेंट कमांडेंट अभिषेक श्रीवास्तव की टीम ने जम्मू के खड़कोला पोस्ट (बॉर्डर से महज 200 मीटर) पर पाकिस्तानी ड्रोन गिराए, लेकिन एक ड्रोन ने बंकर में मोर्टार गिरा दिया. इस कार्रवाई में एसआई मोहम्मद इम्तियाज और कॉन्स्टेबल दीपक चिंगाखम शहीद हुए, जिन्हें मरणोपरांत वीरता पदक से नवाजा जाएगा.

डिप्टी कमांडेंट रविंद्र राठौड़, इंस्पेक्टर देवी लाल, हेड कॉन्स्टेबल साहिब सिंह और कॉन्स्टेबल कंवराज सिंह ने दबाव में असाधारण साहस दिखाते हुए एक जवान की जान बचाई. एएसआई उदय वीर सिंह ने जम्मू के जबोवाल पोस्ट पर दुश्मन की फायरिंग के बीच पाकिस्तानी निगरानी कैमरा और हेवी मशीन गन नेस्ट को नष्ट किया.एएसआई राजप्पा बीटी और कॉन्स्टेबल मनोहर ज़ाल्क्सो ने करोटाना खुर्द पोस्ट पर गोला-बारूद की सप्लाई का जोखिम भरा काम करते हुए घायल होने के बावजूद मिशन पूरा किया. असिस्टेंट कमांडेंट आलोक नेगी और उनकी टीम ने 48 घंटे तक लगातार दुश्मन पर सटीक मोर्टार फायर कर ऑपरेशनल बढ़त बनाए रखी.

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