जनमश्तमी 2025 पर कृष्ण जनमश्तमी 3 भोग, भोग, केला है बेहद आसन – जनमश्तमी 2025 भोग रिपोर्ट पंचमृत मावेटर पेज


हिंदुओं के महत्वपूर्ण त्योहारों में एक जन्माष्टमी इस साल 15 अगस्त और 16 अगस्त को पूरे देश भर में बड़ी धूम-धाम से मनाई जाएगी. जन्माष्टमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, खुशी और परंपराओं का एक सुंदर मेल है. इस भगवान श्री कृष्ण का जन्मदिन मनाया जाता है. इस दिन कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं और लल्ला को तरह-तरह की मिठाइयों का भोग भी लगाते हैं.
भगवान को यूं तो 56 प्रकार का भोग लगाया जाता है, लेकिन कुछ मिठाइयां उन्हें बहुत प्रिय हैं. आज हम आपको भोग की 3 रेसिपी बताने वाले हैं, जिन्हें जन्माष्टमी पर बनाकर आप लड्डू गोपाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

1. पंचामृत:
सबसे अच्छी बात यह है कि भगवान कृष्ण के सभी पसंदीदा भोग बनाने के लिए आपको कड़ाही चढ़ाने या गैस जलाने की जरूरत नहीं है. पंचामृत इसका एक उदाहरण है. पंचामृत शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है ‘पंच’ और ‘अमृत’. ‘पंच’ का मतलब  ‘पांच’ और अमृत का मतलब ‘अमरता का अमृत’. यह जन्माष्टमी के सबसे लोकप्रिय प्रसादों में से एक है, जो घर और मंदिरों दोनों में चढ़ाया जाता है.

इंग्रेडिएंट्स:

दही – 2 बड़े चम्मच
दूध – ½ कप
देसी घी – ¼ बड़ा चम्मच
शहद – ½ बड़ा चम्मच
चीनी – ½ बड़ा चम्मच

बनाने का तरीका:
एक साफ कटोरा लें. सभी इंग्रेडिएंट्स को कटोरे में डालें और तब तक अच्छी तरह मिलाएं जब तक कि वे पूरी तरह से मिल ना जाएं. प्रसाद के रूप में चढ़ाने से पहले ताजी तुलसी के पत्तों से सजाएं.

2. माखन मिश्री
आप जब भी भगवान कृष्ण की कहानियां सुनते हैं, तो आपको पता लगता है कि उन्हें माखन कितना प्रिय था. भगवान को माखन इस हद तक पसंद था कि वे उसकी चोरी तक किया करते थे. इसी वजह से उन्हें ‘माखन चोर’ भी कहा जाता है. यही कारण है कि माखन मिश्री जन्माष्टमी पर लगाए जाने वाले सबसे खान भोगों में से एक है.

इंग्रेडिएंट्स:
मेरे लिए ताजी
पानी
बर्फ
मिश्री

बनाने का तरीका:
1. लगभग 2 कप ताजी दूध वाली मलाई लें, उसमें थोड़ा पानी डालें और अच्छी तरह फेंटें.

2. फिर 4-5 बर्फ के टुकड़े डालें और तब तक फेंटें जब तक कि मक्खन पानी से अलग न हो जाए.

3. मक्खन को धीरे से निकालकर एक कटोरे में रखें और इसमें मिश्री डालें और हल्के हाथों मिलाएं. आपका माखन मिश्री प्रसाद के लिए तैयार है.

3. मावा खीर/खोया खीर

ये आमतौर पर घरों में बनने वाली चावल की खीर नहीं है. मावा खीर ज्यादा गाढ़ी, मलाईदार और स्वाद से भरपूर होती है क्योंकि यह मावा या खोया  से बनाई जाती है. ये गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली जैसे भारतीय त्योहारों पर बनाई जाने वाली एक खास मिठाई है. ये जन्माष्टमी पर भी बनाया जाने वाला एक खास भोग है.

बनाने का तरीका:
1. बासमती चावल को धोकर पानी निथार लें. एक भारी तले वाले पैन में घी गरम करें और कद्दूकस किया हुआ खोया तब तक पिघलाएं जब तक कि वह गाढ़ा पेस्ट न बन जाए. चावल डालें और कुछ मिनट तक भूनें.

2. एक छोटे कटोरे में थोड़ा दूध गरम करें और उसमें केसर डालें. इस एक तरफ रख दें. अब बचा हुआ दूध और चीनी खोया-चावल के मिश्रण में डालें.

3. इसमें उबाल आने दें, फिर आंच धीमी कर दें और लगभग 30 मिनट तक उबलने दें. बीच-बीच में चलाते रहें जब तक कि दूध हल्का गुलाबी न हो जाए और चावल पक न जाएं.

4. केसर वाला दूध डालें और ऊपर से इलायची छिड़कें. आप इसे गरमागरम या ठंडा परोस सकते हैं और ज्यादा स्वाद के लिए ऊपर से कटे हुए पिस्ते और बादाम भी डाल सकते हैं.

—- समाप्त —-



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