अगर आपको अलग अलग देश की भाषाओं में संवाद करना आता है तो दुनिया के किसी भी कोने में करियर के बेहतरीन अवसर तलाश सकते हैं. इंग्लिश, फ्रेंच, जर्मन, मैंडरिन, स्पेनिश, जापानी जैसी इंटरनेशनल भाषाओं को बोलना, समझना और लिखना आपको अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, दूतावासों, पर्यटन, शिक्षा और मीडिया जैसे कई क्षेत्रों में सीधा प्रवेश दिला सकता है. आइए जानते हैं लैंगुएज सीखने के बाद कहां औऱ कैसे नौकरी मिलती है. इस फील्ड में सैलरी कितनी है और नौकरी के लिए कहां अप्रोच करना होता है.
अगर आप अंग्रेजी भाषा को अच्छे से समझते हैं तो आप कई MNCs, IT कंपनियां, एयरलाइन, टूरिज्म, इंटरनेशनल मीडिया में नौकरी कर सकते हैं. इसके अलावा चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड में आगे है, मैंडरीन सीखना भी आपको कई अवसर दे सकता है. फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और जापानी भाषा करियर के हिसाब से ट्रेंड में रहती हैं. इंटरनेशनल मार्केट में सबसे ज्यादा डिमांड इन भाषाओं की रही रहती है.
अनुवादक और व्याख्याकार
अगर आपको विदेशी भाषा आती है तो आप ट्रांसलेटर और इंटरप्रिटेटर बन सकते हैं. डॉक्यूमेंट, रिपोर्ट, किताबों का अनुवाद, कॉन्फ्रेंसिंग, मीटिंग या लाइव इवेंट में ट्रांसलेटर काम आता है. ट्रांसलेटर की नौकरी विदेश मंत्रालय या न्यायालय या अन्य किसी सरकारी विभाग में लगती है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे UN, UNESCO, WHO, WTO में भी ट्रांसलेटर की जरूरत होती है साथ ही प्राइवेट कंपनियां और MNCs में भी ट्रांसलेटर, इंटरप्रिटर, सबटाइटल क्रिएटर का नौकरी मिलती है.
पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी (Tourism & Hospitality)
विदेश पर्यटन के लिए गाइड, होटल या एयरलाइन्स में भी नौकरी मिलती है. बड़े होटल चेन्स जैसे, Taj, Oberoi, Hilton, Marriott में विदेशी भाषा बोलने वालों को नौकरी मिलती है. Emirates, Qatar Airways, Singapore Airlines में भी आप नौकरी ले सकते हैं. साथ ही ट्रैवल एजेंसी में भी विदेशी भाषा बोलने वालों के लिए गाइड और ट्रांसलेटर की नौकरी लगती है. इस फील्ड में विदेशी भाषा जानने वालों को टूर गाइड, ट्रैवल कंसल्टेंट, गेस्ट रिलेशन ऑफिसर के पद पर नौकरी मिलती है.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निर्यात आयात
विदेशी खरीदार और सप्लायर के साथ बातचीत, ईमेल/कॉन्ट्रैक्ट हैंडल करने के लिए भी विदेशी भाषा जानने वालों की जरूरत होती है. कई इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को हायर करती हैं. इसके अलावा ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में इंटरनेशनल सेल्स एग्जीक्यूटिव, बिज़नेस कोऑर्डिनेटर के पद पर नौकरी मिलती है.
OTT Platforms में नौकरी
इसके अलावा वीजा प्रोसेस, इंटरनेशनल कल्चरल इवेंट और डिप्लोमेट्स की मदद के लिए भी विदेशी भाषा बोलने वालों की जरूरत होती है. ऐसे लोगों की जरूरत भारतीय, विदेशी दूतावास पड़ती है. लैंग्वेज असिस्टेंट, कल्चरल अटैची, पब्लिक रिलेशन ऑफिसर पर पद पर नौकरी लग सकती है. साथ ही फिल्म, वेब सीरीज़ और डॉक्यूमेंट्री में डबिंग, सबटाइटल और अनुवाद के लिए भी विदेशी भाषा पढ़ने और लिखने वाले कैंडिडेट्स चाहिए होते हैं. OTT प्लेटफॉर्म Netflix, Amazon Prime, Disney+ या फिर न्यूज़ चैनल जैसे BBC, DW, NHK, Al Jazeera ऐसे कैंडिडेट्स को हायर करते हैं
यह और स्थानीयकरण
आईटी और लोकलाइजेशन का मतलब है किसी सॉफ्टवेयर, वेबसाइट या मोबाइल ऐप को उस देश या क्षेत्र की स्थानीय भाषा और संस्कृति के अनुसार ढालना, ताकि उपयोगकर्ता उसे आसानी से समझ और इस्तेमाल कर सकें. इसमें सिर्फ भाषा का अनुवाद ही नहीं, बल्कि तारीख, समय, मुद्रा, चित्र और डिजाइन जैसी चीजों को भी स्थानीय जरूरतों के मुताबिक बदलना शामिल होता है। इस क्षेत्र में नौकरी के मौके Google, Microsoft, Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियों में मिलते हैं, साथ ही गेमिंग और मोबाइल ऐप डेवलपमेंट करने वाली फर्मों में भी अच्छे अवसर होते हैं. यहां लोकलाइजेशन स्पेशलिस्ट, लैंग्वेज टेस्टर और कंटेंट एडाप्टर जैसी प्रोफ़ाइल में काम किया जा सकता है.
कहां से सीखें विदेशी भाषा?
विदेशी भाषा सीखने के लिए आप किसी यूनिवर्सिटी में भी एडमिशन ले सकते हैं. जैसे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU), दिल्ली में जापानीस कोरियन, मैंडेरिन, जर्मन फ्रेंच आदि भाषाओं में डिग्री और डिप्लोमा कोर्स करने का भी ऑप्शन है. इसके अलावा किसी स्पेशलाइज्ड इंस्टीट्यूट से भी भाषाएं सीखी जा सकती हैं. इंस्टीट्यूट की तरफ से भी प्रॉपर सर्टिफिकेट मिलता है. वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉमर्स की मदद से भी विदेशी भाषा सीखी जा सकती है.
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