
भंडरा़ भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के झारखंड प्रदेश महामंत्री बिंदेश्वर उरांव के प्रयास से आदिवासी समाज को बड़ी सौगात मिली है. भारत सरकार के जनजाति मंत्रालय एवं झारखंड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने लोहरदगा जिले के आदिवासी बहुल गांवों में वृहद धुमकुड़िया भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान कर दी है. यह पत्र 11 अगस्त 2025 को झारखंड सरकार के उप सचिव विनोद कुमार बांकें द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि लोहरदगा जिले के ऐसे गांव जहां 80 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या है और जहां धुमकुड़िया भवन या सांस्कृतिक केंद्र उपलब्ध नहीं है, वहां सरकारी भूमि पर धुमकुड़िया भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा. बिंदेश्वर उरांव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने सदैव आदिवासी हितों को प्राथमिकता दी है. जनजाति मंत्रालय और झारखंड सरकार द्वारा दी गयी इस स्वीकृति से गांव-गांव में धुमकुड़िया पुनर्जीवित होंगे और हमारी परंपरा, संस्कृति एवं पहचान और भी मजबूत होगी. ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि धुमकुड़िया भवन निर्माण से युवाओं को शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे तथा पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित किया जा सकेगा.
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