समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रेलवे द्वारा यात्रियों का सामान तौलने और अतिरिक्त शुल्क वसूलने की संभावित योजना का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि यह कदम गरीब विरोधी है और आम जनता पर और बोझ डालेगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो जनता समय से पहले भाजपा का रिटर्न टिकट काट देगी.” उन्होंने इस कदम को “शर्मनाक” करार देते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार की गरीब विरोधी नीतियों और नाकामी को दिखाता है.

अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जनता पर भारी बोझ बन चुकी है. अब यात्रियों का सामान तोलने और पैसा वसूलने के नाम पर भ्रष्टाचार का नया अध्याय खोला जा रहा है. यह निर्णय गरीबों के खिलाफ है.” उन्होंने अपने पोस्ट में एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया.

अखिलेश ने क्या कहा?
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि इस फैसले का असर अमीर यात्रियों पर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वे एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा करते हैं. असली परेशानी उन गरीब परिवारों और प्रवासी मजदूरों को होगी, जो साल में एक-दो बार घर जाते समय अनाज और जरूरी सामान लेकर सफर करते हैं.

उन्होंने सवाल किया, “क्या भाजपा अब गरीब किसानों और मजदूरों का खाना भी छीनना चाहती है? अगर सरकार को पैसा वसूलना ही है, तो एसी-1 और एसी-2 कोच के यात्रियों से वसूले, न कि जनरल, स्लीपर और एसी-3 में सफर करने वाले गरीबों से.”

अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में रेलवे भ्रष्टाचार से खोखला हो चुका है. उन्होंने मांग की कि आम यात्रियों पर बोझ डालने से पहले भाजपा के सांसद और विधायक अपनी मुफ्त यात्रा पास की सुविधा छोड़ें.

रेल यात्रियों के लिए अतिरिक्त बोझ बनने वाली इस संभावित योजना ने पहले ही सियासत को गरमा दिया है. अब देखना होगा कि रेलवे इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से क्या रुख अपनाता है.

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