लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को इमिग्रेशन टीम ने एक थाई महिला को फर्जी पासपोर्ट के साथ पकड़ लिया. महिला की पहचान थॉन्गफुन चायाफा उर्फ़ डारिन चोकथनपत के रूप में हुई है. वह थाईलैंड जाने के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में सवार होने वाली थी, तभी जांच में उसका पासपोर्ट संदिग्ध पाया गया.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह महिला पहले 2024 में भारत आई थी और वीजा नियमों का उल्लंघन करने पर ब्लैकलिस्ट कर दी गई थी. इसके बावजूद वह जुलाई 2025 में दोबारा फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में दाखिल हुई और तब से लखनऊ के सरोजिनी नगर इलाके में छिपकर रह रही थी. उसकी मदद करने वाले जसविंदर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

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जांच में सामने आया कि जसविंदर ने न केवल महिला को रहने की जगह दी बल्कि फर्जी दस्तावेज भी उपलब्ध कराए. उसके साथ दो अन्य आरोपियों नवेंदु मित्तल और शुभेंदु निगम का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस ने महिला के पास से तीन नकली पासपोर्ट, थाई राष्ट्रीय पहचान पत्र, बोर्डिंग पास और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

सरोजिनी नगर थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 338 (जालसाजी), 336(3) और 336(4) (धोखाधड़ी), 340(2) (झूठी जानकारी), 318(4) और 318 (भेस बदलकर पहचान छिपाना) और 61(2) (साज़िश) के तहत मामला दर्ज किया गया है. साथ ही विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14(बी) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय फर्जी दस्तावेज रैकेट से जुड़ा हो सकता है.

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