गोरखपुर में एक ऐसा मामला सामने आया, जहां एक परिवार ने अपनी बेटी की शादी बड़े सपनों के साथ खुद को आईएएस अधिकारी बताने वाले के साथ कर दी. लेकिन विदाई के कुछ घंटों बाद ही जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे परिवार को अंदर तक झकझोर दिया.

कैंट थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर इलाके में रहने वाला एक परिवार अपनी बेटी के लिए अच्छे रिश्ते की तलाश में था. इसी दौरान एक मैट्रिमोनियल ग्रुप के जरिए प्रीतम कुमार निषाद नाम के युवक का रिश्ता सामने आया. युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और अपनी पोस्टिंग माणिकपुर में होने की बात कही. परिवार के सामने भरोसा कायम करने के लिए उसने कथित इंटरव्यू के वीडियो, ऑफिस की तस्वीरें और कुछ नेताओं के साथ अपनी फोटो भी साझा कीं. यह सब देखकर परिवार को यकीन हो गया कि उनकी बेटी का रिश्ता एक प्रतिष्ठित अधिकारी से तय हो रहा है. दिलचस्प बात यह रही कि शुरुआत में युवक ने खुद को बिना दहेज शादी करने वाला बताकर परिवार का भरोसा और जीत लिया. यही वह मोड़ था, जहां से परिवार पूरी तरह आश्वस्त हो गया कि उन्हें एक आदर्श दामाद मिल गया है.

धीरे-धीरे बदली कहानी

रिश्ता तय होने के बाद शादी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गईं. लेकिन सगाई से ठीक पहले युवक ने अचानक शादी के खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये की मांग रख दी. परिवार के सामने अब एक मुश्किल स्थिति थी. रिश्ता टूटने का डर और समाज की चिंता के बीच फंसे परिवार ने आखिरकार हामी भर दी. सगाई के दिन 10 लाख रुपये नकद दिए गए, जबकि बाकी 5 लाख रुपये तिलक के दिन दे दिए गए. युवक ने यह कहकर भरोसा दिलाया कि उसकी पोस्टिंग बाहर रहती है, इसलिए घर-गृहस्थी का सामान बाद में दे दिया जाए. उस समय तक परिवार को उसके इरादों पर जरा भी शक नहीं हुआ.

धूमधाम से हुई शादी, खर्च हुए लाखों

11 मार्च 2026 को नंदा नगर स्थित एक मैरिज लॉन में यह शादी पूरे रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ संपन्न हुई. बारातियों के ठहरने के लिए मोहद्दीपुर के एक होटल में विशेष इंतजाम किए गए. दुल्हन के पिता के अनुसार, इस शादी में करीब 30 लाख रुपये खर्च किए गए. हर छोटी-बड़ी व्यवस्था का ध्यान रखा गया, ताकि कोई कमी न रह जाए. उस दिन परिवार के चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी. शादी के अगले दिन, 12 मार्च को बेटी की विदाई हुई. परिवार ने बेटी को नए जीवन की शुभकामनाओं के साथ विदा किया. लेकिन कुछ ही घंटों में एक ऐसा फोन आया, जिसने सब कुछ बदल दिया. बताया जाता है कि शादी में शामिल एक व्यक्ति ने दुल्हन को बताया कि उसका पति कोई आईएएस अधिकारी नहीं है. यह जानकारी मिलते ही दुल्हन के होश उड़ गए. उसने तुरंत अपने परिवार को फोन कर पूरी बात बताई.

इटावा पहुंचकर खुला राज

बेटी के फोन के बाद परिजन बिना समय गंवाए इटावा के लिए रवाना हो गए. जब वे आरोपी द्वारा दिए गए पते पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए. जिसे वे आईएएस अधिकारी समझ रहे थे, वह एक छोटे से किराए के एक कमरे में रह रहा था. न कोई सरकारी सुविधा, न कोई अधिकारी जैसा माहौल सब कुछ एकदम उल्टा था. और जैसे ही आरोपी ने परिजनों को देखा, वह अपनी बहन के साथ मौके से फरार हो गया. परिवार के लिए किसी झटके से कम नहीं था.

और भी गंभीर आरोप

पीड़िता ने परिजनों को बताया कि विदाई के बाद रास्ते में उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया. इतना ही नहीं, उसने यह भी आशंका जताई कि आरोपी उसे गोवा ले जाकर बेचने की योजना बना रहा था. परिवार का आरोप है कि यह सिर्फ शादी के नाम पर ठगी नहीं, बल्कि एक बड़ा गिरोह भी हो सकता है, जो इस तरह से लड़कियों को निशाना बनाता है. स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी दो शादियां कर चुका है और हर बार उसने फर्जी पहचान का सहारा लिया. इससे यह शक और गहरा हो गया कि वह एक शातिर ठग है, जो लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है.

पुलिस में मामला दर्ज, जांच जारी

पीड़ित परिवार ने गोरखपुर के कैंट थाने में तहरीर देकर आरोपी प्रीतम निषाद और उसके परिवार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया है. पुलिस ने धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न और जालसाजी समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के अनुसार, आरोपी की तलाश में टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन तमाम लोगों के लिए चेतावनी है, जो रिश्ते तय करते समय जल्दबाजी में भरोसा कर लेते हैं. सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई देने वाली चमक-दमक के पीछे की सच्चाई को परखना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सिर्फ दिखावे और डिजिटल पहचान के आधार पर इतना बड़ा फैसला लेना सही है ?

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