किसी को भी ये अनुमान नहीं होगा कि महज 50 दिन में सोने-चांदी की ये दुर्गति होने वाली है, खासकर चांदी की तो हवा निकल गई है. कहां 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमत 4.25 लाख रुपये प्रति किलो थी, जो आज गिरकर 2 लाख रुपये नीचे पहुंच गई है. यानी महज दो महीने के अंदर चांदी 2.25 लाख रुपये किलो सस्ती हो चुकी है. सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान चांदी की कीमत 2 लाख रुपये से नीचे लुढ़क गई. जबकि सोने में 10 फीसदी का लोअर सर्किट लग गया है.
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध गहराता जा रहा है, जिससे दुनियाभर महंगाई बढ़ने का खतरा काफी तेजी बढ़ गया है. जिस वजह से सोने-चांदी में जोरदार बिकवाली हावी है. कारोबार हफ्ते के पहले दिन सोमवार को चांदी के भाव में 26000 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई. चांदी की कीमत गिरकर 199643 रुपये प्रति किलो पहुंच गई.
चांदी के बाद सोने के दाम भी धड़ाम
दरअसल, चांदी का भाव 2 लाख से नीचे पहुंचने का अनुमान किसी को नहीं होगा. अब कल्पना कीजिए जिन निवेशकों ने हड़बड़ी में 4 लाख रुपये के आसपास चांदी खरीदी होगी, मुनाफा तो दूर, भारी नुकसान हो रहा होगा. अब यहां ये अनुमान लगाना भी मुश्किल है, कि चांदी फिर 4 लाख रुपये प्रति किलो के पास कब जाएगी.
दरअसल, युद्ध की वजह आर्थिक संकट गहराता जा रहा है, दुनियाभर के शेयर बाजारों में हाहाकार मचा है, भारतीय बाजार में भगदड़ का माहौल है. सोमवार को सेंसेक्स में 1800 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी गिरकर 22500 पर पहुंच गई है. भारतीय बाजार अपने हाई से 15 फीसदी करेक्ट हो चुका है.
अगर सोने की बात करें, संकट में हमेशा सोना सहारा बनता है, इस समय निवेशकों का सोने पर से भी भरोसा डगमगा रहा है. सोमवार को MCX पर सोने में 10 फीसदी लोअर सर्किट लग गया है, जिससे भाव करीब 14000 रुपये गिरकर 1.30 लाख रुपये से नीचे प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है.
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