झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. टोन्टो थाना क्षेत्र में तैनात एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जवान की मौत उसकी सर्विस इंसास राइफल से चली गोली के कारण हुई है. इस घटना ने सुरक्षा बलों की ड्यूटी के दौरान होने वाले जोखिम और मानसिक दबाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है.

यह घटना पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र की है, जहां रविवार रात एक जवान की अचानक मौत हो गई. मृतक की पहचान अजय किशोर खाका के रूप में हुई है, जो ड्यूटी पर तैनात था. बताया जा रहा है कि घटना देर रात हुई, जब कैंप में मौजूद जवानों को गोली चलने की आवाज सुनाई दी. इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और साथी जवान तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजय किशोर खाका की मौत उसकी सर्विस इंसास राइफल से चली गोली के कारण हुई. गोली उसके गले के पास लगी, जो बेहद गंभीर और जानलेवा साबित हुई. साथी जवानों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने सुरक्षा मानकों और हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

घटना की जानकारी मिलते ही किरीबुरू के एसडीपीओ अजीत केरकेट्टा तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी. उन्होंने कैंप में मौजूद जवानों से पूछताछ की और घटनास्थल का निरीक्षण किया. जवान के शव को पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ सकेगी.

अजय किशोर खाका मूल रूप से झारखंड के गुमला जिले के रायडीह क्षेत्र का रहने वाला था. वह वर्तमान में टोन्टो थाना में तैनात था और इन दिनों सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में हिस्सा ले रहा था. वह सीआरपीएफ की 174 बटालियन के साथ पालीसाई कैंप में ड्यूटी कर रहा था. यह इलाका नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता है, जहां सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं.

जवान की मौत को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं. कुछ सूत्रों का कहना है कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था और संभव है कि उसने खुद को गोली मार ली हो. वहीं, दूसरी ओर यह भी संभावना जताई जा रही है कि वह अपनी इंसास राइफल की सफाई कर रहा था, तभी अचानक गोली चल गई. इन दोनों एंगल पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

घटना की सूचना मृतक जवान के परिजनों को दे दी गई है और उनके चाईबासा पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है. फिलहाल शव को अस्पताल में सुरक्षित रखा गया है. जैसे ही परिजन पहुंचेंगे, आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव में भी शोक का माहौल है.

पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि जवान की मौत गोली लगने से हुई है. उन्होंने बताया कि इस घटना की हर एंगल से गहन जांच की जा रही है. इस हादसे ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात जवानों को हर समय खतरे और मानसिक दबाव के बीच काम करना पड़ता है. ऐसे में यह घटना सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती है.

(चाईबासा से जय कुमार तांती का इनपुट)

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