होर्मुज पार कराने के लिए 20 लाख डॉलर वसूल रहा ईरान! दावे पर अब आई सफाई – iran denies transit fee claims for hormuz strait shipping amid regional tensions america israel wdrk


ईरान ने उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि वो होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत देने के लिए कमर्शियल जहाजों से 20 लाख डॉलर तक वसूल रहा है. ईरान ने ऐसी रिपोर्टों को ‘निराधार’ बताया और कहा कि ये दावे व्यक्तिगत टिप्पणियों पर आधारित हैं.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरूजेर्दी के हवाले से कहा गया कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ जारी युद्ध के बीच जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगा सकता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, बोरूजेर्दी ने एक टीवी प्रोग्राम में कहा था, ‘जंग की कीमत होती है और स्वाभाविक रूप से हमें होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेनी चाहिए.’ उन्होंने कहा कि इस समुद्री रास्ते पर ईरान का अधिकार है और ट्रांजिट फीस लेकर इसका प्रदर्शन किया जाना चाहिए.

हालांकि, अब ईरानी अधिकारियों ने इस बयान से दूरी बना ली है और साफ किया है कि ईरान की तरफ से ऐसी कोई नीति आधिकारिक रूप से लागू नहीं की गई है.

होर्मुज स्ट्रेट पर जंग का असर

दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट मार्च की शुरुआत से बढ़ते तनाव के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. इस समुद्री रास्ते से वैश्विक तेल और LNG सप्लाई का करीब 20% गुजरता है.

अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया है. इस वजह से क्षेत्र में शिपिंग गतिविधियां काफी धीमी हो गई हैं और ईरान चुनिंदा देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने दे रहा है जिसमें भारत भी शामिल है. ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पाबंदियां केवल उन जहाजों पर लागू होती हैं जो ‘दुश्मन’ देशों से जुड़े हैं या ईरान के खिलाफ हमले का समर्थन करते हैं.

रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज से भारतीय झंडे वाले कुछ LPG जहाजों और कम से कम एक पाकिस्तानी तेल टैंकर को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है. ईरान ने जापान से जुड़े जहाजों को भी अनुमति देने की इच्छा जताई थी, लेकिन इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई.

पहले अमेरिका ने दी धमकी और अब हट गया पीछे

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ईरान से होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की मांग की. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले किए जा सकते हैं.

इसके जवाब में, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि ऐसा होता है तो ईरान मध्य-पूर्व में अहम ऊर्जा ढांचे पर जवाबी हमले करेगा. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी चेतावनी दी कि ईरान की सुविधाओं पर किसी भी हमले की स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा.

ईरान की इन धमकियों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी कार्रवाई को फिलहाल पांच दिनों के लिए रोक दिया गया है.

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