ये है दुनिया की सबसे महंगी चाय…हीरे-मोती से भी महंगी, कीमत के साथ जानें इसका स्वाद कैसा होता है? – worlds most expensive tea china da hong pao price details taste tvism


दुनिया की सबसे महंगी चाय: चाय ऐसी ड्रिंक है जिसे भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी रोजाना पीती है. वैसे तो भारत में अलग-अलग किस्मों की चाय मिलती हैं जिनकी कीमत 100 रुपये प्रतिकिलो से 1000-2000 रुपये प्रतिकिलो तक हो सकती है. लेकिन क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि दुनिया में एक ऐसी चाय भी है जिसकी कीमत करोड़ों में है. सुनने में यह किसी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन हकीकत में दुनिया में एक ऐसी चाय मौजूद है जिसकी कीमत किसी बड़े शहर के आलीशान बंगले या लग्जरी गाड़ियों के बराबर है. ये चाय कौन सी है, कहां मिलती है और इसकी कीमत करोड़ों में क्यों है, इस बारे में विस्तार से जानते हैं.

कौन सी है ये खास चाय

BBC ट्रैवल के मुताबिक, चीन के फुजियान प्रांत की ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों में पैदा होने वाली ‘दा-होंग पाओ’ (Da Hong Pao) को दुनिया की सबसे महंगी और दुर्लभ चाय का दर्जा हासिल है. इसे ‘बिग रेड रोब’ के नाम से भी जाना जाता है और इसकी नीलामी की कीमत करीब 9 करोड़ प्रति किलो तक दर्ज की गई हैं.

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, 2002 में इस चाय के महज 20 ग्राम की नीलामी 26.17 लाख रुपये (करीब $28,000) में हुई थी.

क्यों इतनी खास है और स्वाद कैसा है?

रिपोर्ट के मुताबिक, इस चाय के इतना महंगा होने के पीछे इसकी दुर्लभता और इसका इतिहास है. यह चाय चीन के फुजियान प्रांत की वुईयी पहाड़ियों की चट्टानों पर उगती है. दिलचस्प बात यह है कि असली और शुद्ध ‘दा-होंग पाओ’ केवल उन प्राचीन ‘मदर बुशेस’ (पुराने पौधों) से आती है, जिनकी संख्या ना के बराबर है. ये पौधे सैकड़ों साल पुराने हैं और इनसे साल भर में बहुत ही कम मात्रा में पत्तियां तोड़ी जाती हैं.

चीनी लोककथाओं के अनुसार, मिंग राजवंश के दौरान एक रानी की तबीयत बहुत खराब हो गई थी, जिसे इसी चाय से ठीक किया गया था. तब राजा ने सम्मान के तौर पर उन चाय के पौधों को लाल कपड़ों (Red Robe) से ढंकवा दिया था, तभी से इसका नाम ‘दा-होंग पाओ’ पड़ा.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस चाय का स्वाद काफी गहरा, मिट्टी जैसा और थोड़ा मीठा होता है, जो लंबे समय तक जुबान पर रहता है. इसे पीने के बाद इसका जायका और खुशबू गले में काफी देर तक बनी रहती है. इसे ‘चट्टानी चाय’ (Rock Tea) भी कहा जाता है क्योंकि ये पहाड़ों की दरारों में उगती है और वहां के मिनरल्स को सोख लेती है.

इतनी महंगी क्यों है ये चाय

इन चाय की झाड़ियों को चीन में राष्ट्रीय खजाना माना जाता है. बीबीसी की रिपोर्ट बताती है कि इन पुराने पौधों की सुरक्षा के लिए बकायदा गार्ड्स तैनात रहते हैं. साल 2006 के बाद से चीन सरकार ने इन प्राचीन पौधों से पत्तियां तोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे अब इस चाय का मिलना लगभग नामुमकिन है और पुरानी बची हुई चाय की कीमत और भी ज्यादा बढ़ गई है.

अगर अनुमान लगाएं तो इसकी 1 ग्राम चाय की कीमत भी करीब 1.5 लाख रुपये बैठती है. आज के समय में जो दा-होंग पाओ बाजार में मिलती है, वह अक्सर इन मूल पौधों की कटिंग से तैयार किए गए नए पौधों की होती है, जो महंगी तो है लेकिन ‘मदर बुशेस’ जितनी कीमती नहीं.

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