मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच पाकिस्तान खुद को एक प्रमुख मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करके इसके संकेत दिए हैं. उन्होंने लिखा, ‘पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है और उन्हें पूर्ण समर्थन देता है.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति और स्थिरता के हित में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है. अमेरिका और ईरान की सहमति के साथ, पाकिस्तान सार्थक और निर्णायक वार्ता को सुगम बनाने के लिए मेजबानी करने के लिए तैयार है और सम्मानित महसूस करता है ताकि चल रहे संघर्ष का व्यापक समाधान निकाला जा सके.’ शहबाज शरीफ के इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने रिपोस्ट किया. इससे संकेत मिलते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने इस संबंध में 22 मार्च को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की, जबकि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अगले दिन ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से चर्चा की. यह बातचीत ऐसे समय हुई जब ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर प्रस्तावित हमले को पांच दिन के लिए टालने का ऐलान किया था.

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अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावे

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है, लेकिन ईरान ने इसे खारिज कर दिया. हालांकि ईरान ने माना कि कुछ क्षेत्रीय देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा, ‘कुछ मित्र देशों के जरिए अमेरिका की बातचीत की इच्छा के संदेश मिले हैं, जिनका जवाब दिया गया है.’ लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

पाकिस्तान एक ओर अमेरिका का सहयोगी है, वहीं दूसरी ओर ईरान और खाड़ी देशों से भी उसके अच्छे संबंध हैं. पाकिस्तान में ईरान के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है और उसने पिछले साल सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता भी किया था. इसी संतुलन की वजह से पाकिस्तान खुद को एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के अधिकारी अमेरिकी प्रतिनिधियों और ईरान के बीच बैक-चैनल बातचीत भी करवा रहे हैं.

अन्य देश भी अमेरिका-ईरान के संपर्क में

यूरोपीय अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच सीधे वार्ता नहीं हुई है, लेकिन मिस्र, पाकिस्तान और खाड़ी देश उनके बीच संदेशों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं. तुर्किये भी इस प्रक्रिया में शामिल है और संघर्ष विराम की कोशिश कर रहा है. व्हाइट हाउस ने इन कूटनीतिक प्रयासों पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह संवेदनशील कूटनीतिक बातचीत है और अमेरिका मीडिया के जरिए वार्ता नहीं करेगा.

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