मिडल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने एक बहुत बड़ा सैन्य कदम उठाया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर प्लान और शांति की कोशिशों की चर्चा है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी सेना अपनी सबसे खतरनाक यूनिट्स में से एक, ’82वीं एयरबोर्न डिवीजन’ के लगभग 1,000 सैनिकों को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रही है.
न्यूज एजेंसी AP की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये सैनिक आने वाले कुछ ही दिनों में क्षेत्र के लिए रवाना हो जाएंगे. 82वीं एयरबोर्न डिवीजन को अमेरिकी सेना का इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स माना जाता है. इनकी खासियत यह है कि इन्हें बहुत कम समय में दुनिया के किसी भी कोने में तैनात किया जा सकता है.
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