देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आखिर क्यों उसे भारत का सबसे बेहतरीन इंजीनियरिंग कॉलेज माना जाता है. बुधवार को जारी हुई ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026’ में आईआईटी दिल्ली ने लंबी छलांग लगाई है. खास बात यह है कि इस बार संस्थान के एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 5 विषयों ने दुनिया के टॉप 50 (Global Top 50) में अपनी जगह पक्की की है.

इन 5 विषयों में लहराया परचम

पिछले साल यानी 2025 में सिर्फ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ही टॉप 50 की लिस्ट में था, लेकिन इस साल 4 और विषयों ने इसमें एंट्री मारी है. नीचे देखिए किस विषय को कौन सी रैंक मिली:

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग: 36वीं रैंक (सबसे टॉप पर)
मैकेनिकल इंजीनियरिंग: 44वीं रैंक
कंप्यूटर साइंस: 45वीं रैंक
केमिकल इंजीनियरिंग: 48वीं रैंक
सिविल इंजीनियरिंग: 50वीं रैंक

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इंजीनियरिंग में भारत का ‘बॉस’ है आईआईटी दिल्ली

अगर सिर्फ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी कैटेगरी की बात करें, तो आईआईटी दिल्ली अभी भी देश का नंबर 1 संस्थान बना हुआ है. ग्लोबल लेवल पर इसे 36वीं रैंक मिली है. इसके अलावा, डेटा साइंस, एआई और एनवायरनमेंटल साइंस जैसे कुल 12 विषयों ने दुनिया के टॉप 100 में जगह बनाई है.

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क्यों सुधरी रैंकिंग? विभागों ने बताई वजह
रैंकिंग में इस सुधार के पीछे कड़ी मेहनत और आधुनिक तकनीक का बड़ा हाथ है. इलेक्ट्रिकल विभाग का कहना है कि उन्होंने लैब को अपग्रेड किया है और छात्रों के लिए नए डिप्लोमा कोर्स शुरू किए हैं. मैकेनिकल विभाग ने अब अपनी पढ़ाई में एआई (AI) को जोड़ दिया है.

वहीं, कंप्यूटर साइंस विभाग का लक्ष्य है कि 2030 तक वे दुनिया के टॉप 30 विभागों में शामिल हो जाएं. इसके लिए वे बेहतरीन फैकल्टी और नई रिसर्च पर जोर दे रहे हैं. आईआईटी दिल्ली के डीन (प्लानिंग) प्रोफेसर सोमनाथ बैद्य रॉय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आईआईटी दिल्ली कम खर्च में वर्ल्ड क्लास शिक्षा देता है. रैंकिंग हमारी पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है. संस्थान ने यह भी बताया कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने पेटेंट कराने और नई रिसर्च पब्लिश करने में भी बड़ी कामयाबी हासिल की है.

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