ग्रेट सॉल्ट लेक (Great Salt Lake) का नाम उसके बेहद खारे पानी के कारण पड़ा है. यह झील अमेरिका के यूटा राज्य में है. दुनिया की सबसे बड़ी खारे पानी की झीलों में से एक है. लेकिन एक नई वैज्ञानिक स्टडी में हैरान करने वाली खोज हुई है. यूनिवर्सिटी ऑफ यूटा के रिसर्चर्स ने पता लगाया है कि इस खारे पानी की झील के नीचे बहुत बड़ा मीठे पानी का भंडार छिपा हुआ है.
रिसर्चर्स ने हेलीकॉप्टर से एयरबोर्न इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सर्वे (AEM Survey) किया. यह एक खास तकनीक है जो हवा से ही जमीन के नीचे क्या है, यह पता लगाती है. सर्वे झील के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में, खासकर फार्मिंगटन बे क्षेत्र में किया गया. AEM सर्वे दो मुख्य काम करता है – पहला, इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी नापता है. इससे खारे पानी और मीठे पानी में फर्क आसानी से पता चल जाता है.
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दूसरा, यह चट्टानों की बनावट भी देखता है. इससे वैज्ञानिकों को पता चला कि झील के नीचे की चट्टानी परत अचानक बहुत नीचे चली जाती है. इससे एक बड़ा खाली स्थान बनता है जो रेत और गाद से भरा हुआ है. यह जगह पूरी तरह मीठे पानी से भरी हुई है.
मीठा पानी कितना गहरा और कितना बड़ा है?
भूभौतिकी विशेषज्ञ माइकल ज़दानोव ने बताया कि सर्वे से पता चला है कि यह मीठा पानी 3 से 4 किलोमीटर की गहराई तक फैला हो सकता है. हालांकि, अभी सिर्फ झील के एक छोटे हिस्से का सर्वे हुआ है. पूरी झील का सर्वे नहीं हुआ है, इसलिए अभी सही आकार और सीमा तय नहीं की जा सकती.

लेकिन इतना तो जरूर पता चल गया है कि मीठा पानी झील के पूर्वी किनारे के नीचे काफी दूर तक फैला हुआ है. इससे पहले वैज्ञानिकों को अंदेशा था कि झील के कुछ द्वीपों पर उग रहे सरकंडे की वजह से नीचे मीठा पानी हो सकता है, लेकिन यह पहली बार है जब इसके आकार का पता चला है.
हाइड्रोलॉजिस्ट बिल जॉनसन ने कहा कि हमें यह उम्मीद नहीं थी कि मीठा पानी झील के अंदरूनी हिस्सों तक इतना फैला होगा. यह संभव है कि यह पूरे झील के नीचे मौजूद हो, लेकिन अभी हमें पूरी तरह पता नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यह खोज बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि झील का पानी लगातार सूख रहा है.
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सूखने से झील की मिट्टी में मौजूद जहरीली धातुएं हवा में उड़ रही हैं, जो आसपास के शहरों के लिए स्वास्थ्य खतरा बन रही हैं. इस मीठे पानी का इस्तेमाल करके धूल को गीला किया जा सकता है. प्रदूषण कम किया जा सकता है. लेकिन इससे पहले इसके सारे प्रभावों को समझना जरूरी है.
व्यावहारिक महत्व और आगे की योजना
झील सूख रही है, जिससे धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है. अगर यह मीठा पानी निकाला जा सके तो झील के आसपास की समस्या कम हो सकती है. रिसर्चर्स अब पूरी झील का विस्तृत सर्वे करना चाहते हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह भंडार कितना बड़ा है और कहां तक फैला है.
इससे न सिर्फ यूटा के वाटर मैनेजमेंट में मदद मिलेगी, बल्कि दुनिया के अन्य झीलों की स्टडी में भी नई दिशा मिल सकती है. यह अध्ययन हाल ही में वैज्ञानिक रिपोर्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है. रिपोर्टः अनन्या सिंह
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