उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. महाराष्ट्र के पालघर जिले से जुड़े इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. वे दोनों कई सालों से पब, होटल और प्राइवेट पार्टियों में नशीले पदार्थ सप्लाई कर रहे थे. दोनों आरोपी मुंबई से भागकर नेपाल जाने की फिराक में थे, लेकिन STF ने उन्हें दबोच लिया.

बुधवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में दर्ज ड्रग तस्करी के एक बड़े मामले में लखनऊ से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश STF की टीम ने की, जिसने लंबे समय से इन आरोपियों पर नजर रखी हुई थी. पुलिस के मुताबिक, यह दोनों आरोपी अंतरराज्यीय स्तर पर ड्रग्स सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे. उनकी गिरफ्तारी से इस पूरे गिरोह के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भवेश चौहान उर्फ लालू और शोएब अशरफ पठान उर्फ बटला के रूप में हुई है. भवेश चौहान मूल रूप से यूपी के हरदोई का रहने वाला है, जबकि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा इलाके में रह रहे थे. STF के मुताबिक, दोनों लंबे समय से ड्रग्स तस्करी के धंधे में सक्रिय थे और मुंबई के आसपास के इलाकों में इनका नेटवर्क फैला हुआ था.

STF की टीम ने इन दोनों आरोपियों को सोमवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एक टेंपो स्टैंड से गिरफ्तार किया. पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि ये आरोपी यहां छिपे हुए हैं और भागने की कोशिश कर सकते हैं. जैसे ही ये दोनों वहां से निकलने की तैयारी में थे, STF ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया. इस ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया गया.

पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के Palghar जिले के नायगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज NDPS एक्ट के तहत एक मामले में वांछित थे. यह मामला ड्रग्स की बड़ी खेप से जुड़ा हुआ था, जिसे पुलिस ने पहले ही बरामद कर लिया था. इसके बाद से ही पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी और लगातार इनकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी.

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पिछले 4 से 5 सालों से ड्रग्स तस्करी में शामिल थे. उन्होंने बताया कि वे बाजार में आसानी से मिलने वाले केमिकल्स का इस्तेमाल कर ब्राउन शुगर तैयार करते थे. इसके बाद इस नशीले पदार्थ को पब, होटल और प्राइवेट पार्टियों में सप्लाई किया जाता था. इस खुलासे से साफ है कि यह एक संगठित और बड़ा नेटवर्क था.

आरोपियों ने यह भी बताया कि 5 फरवरी को वसई-विरार और मीरा-भायंदर इलाके में उनके एक ड्रग्स कंसाइनमेंट को पुलिस ने जब्त कर लिया था. इसके बाद वे घबरा गए और मुंबई से भागने की योजना बनाने लगे. उन्होंने लखनऊ के रास्ते नेपाल भागने का प्लान बनाया था, ताकि पुलिस की गिरफ्त से बच सकें. लेकिन STF ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, भवेश चौहान पर पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें NDPS एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत विभिन्न धाराएं शामिल हैं. वसई-विरार क्षेत्र के कई थानों में उसके खिलाफ केस दर्ज हैं. इससे यह साफ होता है कि वह एक शातिर अपराधी है और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त था.

इस पूरे ऑपरेशन को नायगांव पुलिस और लखनऊ STF के बीच तालमेल से अंजाम दिया गया. नायगांव पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी लखनऊ में छिपे हुए हैं, जिसके बाद STF से मदद मांगी गई. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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