ईरान जंग ने दिलाई कोरोना की याद… कहीं WFH तो कहीं इमरजेंसी, PAK में भी हालात बदतर – Iran War Lockdown Energy Emergency Four Days Work Week Pakistan Philippine mnrd


मिडिल ईस्ट की जंग का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है. ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से एशिया में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. तेल और गैस की सप्लाई पर भारी असर पड़ा है, जिससे कई देशों में हालात कोविड-19 जैसे नजर आने लगे हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है, जहां तेल-गैस के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.

फिलीपींस: सबसे बड़ा कदम फिलीपींस ने उठाया है. राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है. सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा सप्लाई पर “आसन्न खतरा” मंडरा रहा है. इस दौरान एक विशेष समिति बनाई गई है जो ईंधन, खाद्य और दवाइयों की सप्लाई सुनिश्चित करेगी. जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई होगी, जबकि बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कोयला प्लांट्स को प्राथमिकता दी जा रही है.

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दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरिया ने पूरे देश में ऊर्जा बचाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है. राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने लोगों से अपील की है कि वे कोविड काल जैसी सावधानी अपनाएं. सरकार ने 12 सख्त नियम जारी किए हैं, जैसे कम समय के लिए शावर लेना, रात में फोन या इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज न करना, और छोटी दूरी के लिए साइकिल का इस्तेमाल करना शामिल है.

वियतनाम: ईंधन संकट का असर एयरलाइन सेक्टर पर भी पड़ा है. वियतनाम एयरलाइंस ने 1 अप्रैल से 7 घरेलू रूट्स पर उड़ानें बंद करने का फैसला लिया है. हर हफ्ते 23 फ्लाइट्स रद्द होंगी. जेट फ्यूल की कमी और कीमतों में भारी उछाल के कारण यह कदम उठाया गया है.

थाईलैंड: थाईलैंड में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं. प्रधानमंत्री अनुटिन चर्णविराकुल ने सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू किया है. दफ्तरों में एसी का तापमान 26-27 डिग्री रखने, लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल और विदेशी दौरों पर रोक जैसे निर्देश दिए गए हैं.

श्रीलंका: श्रीलंका ने भी बड़ा फैसला लेते हुए 4-दिवसीय वर्क-वीक लागू कर दिया है. हर बुधवार को छुट्टी दी जा रही है ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके. राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के मुताबिक इससे 25% तक ईंधन की बचत हो सकती है.

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पाकिस्तान: पाकिस्तान में भी हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने 4-दिवसीय वर्क वीक, स्कूलों को 2 हफ्ते के लिए बंद करने और 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम जैसे फैसले लिए हैं.

दरअसल, एशिया के ज्यादातर देश अपने 70-80% तेल के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर हैं. ऐसे में इसका बंद होना सीधे ऊर्जा संकट को जन्म दे रहा है. ये हालात साफ तौर पर कोविड-19 लॉकडाउन की याद दिलाते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार वजह वायरस नहीं, बल्कि युद्ध है. अगर जंग लंबी चली, तो आने वाले दिनों में और सख्त नियम देखने को मिल सकते हैं.

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