नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्धघाटन का समय करीब आ गया है. सालों के इंतजार के बाद आखिरकार ये एयरपोर्ट शुरू होने जा रहा है. 28 मार्च को सुबह 11.30 बजे पीएम नरेंद्र मोदी नोएडा एयरपोर्ट का लोकापर्ण करेंगे.
एयरपोर्ट बनने के ऐलान के बाद से ही यहां प्रॉपर्टी की डिमांड पहले ही आसमान छू रही थी, लेकिन अब उद्घाटन के बाद निवेश और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स की मांग में और तेजी आने के आसार हैं. माना जा रहा है कि यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के प्रॉपर्टी बाजार की पूरी तस्वीर बदल देगा.
डेवलपर्स और निवेशकों के बीच उत्साह और विश्वास बढ़ा है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर की पूरी तस्वीर बदलने वाली है. बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बन रहे सड़कों, मेट्रो और एक्सप्रेसवे के जाल ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और बड़े उद्योगों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया है. इसका सीधा असर रियल एस्टेट पर दिखेगा.
जेवर एयरपोर्ट न केवल लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग का नया हब बनेगा, बल्कि रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
भूटानी इंफ्रा के सीईओ आशीष भूटानी के कहते हैं- “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगा. यह प्रोजेक्ट नोएडा और ग्रेटर नोएडा को भारत के अगले बड़े कमर्शियल और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में नई पहचान दिलाएगा. खासकर एयरपोर्ट से सटे हाई-ग्रोथ कॉरिडोर्स में कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी उछाल आने वाला है. निवेशकों का रुझान साफ तौर पर मिक्स्ड-यूज़ और रिटेल प्रोजेक्ट्स की तरफ बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में एनसीआर की इकोनॉमी को एक नया आयाम देगा.’
रिट्ज़ मीडिया वर्ल्ड के फाउंडर, रिट्ज़ मलिक का कहना है ‘नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि पूरे एनसीआर की ब्रांडिंग को वैश्विक स्तर पर बदलने वाला ‘पावर प्रोजेक्ट’ है.’ उन्होंने कहा, जेवर एयरपोर्ट के साथ एनसीआर की एक नई और मजबूत पहचान दुनिया के सामने आएगी. जो ब्रांड्स और बिजनेस आज इस क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं, भविष्य में बाज़ार पर उन्हीं का दबदबा होगा. यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहा समृद्ध उपभोक्ता वर्ग मीडिया और मार्केटिंग सेक्टर के लिए निवेश का सबसे सुनहरा अवसर है.
जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव, प्रस्तावित पॉड टैक्सियों का जाल और जेवर-नई दिल्ली मेट्रो लिंक इस क्षेत्र को दुनिया के सबसे सुलभ बिजनेस केंद्रों में से एक बना देगा. यह बुनियादी ढांचा न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाएगा, बल्कि ‘ई-कॉमर्स’ और ‘मैन्युफैक्चरिंग’ दिग्गजों के लिए नोएडा को पहली पसंद बना देगा. जैसे-जैसे वैश्विक कंपनियां यहां अपने ऑफिस और डेटा सेंटर स्थापित करेंगी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा की गिनती दुनिया के सबसे आधुनिक और निवेश-अनुकूल शहरों में होने लगेगी.
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