कोकीन के नशे में चूर शार्क बहामास के आसपास के समुद्रों में उत्पात मचाती पाई गई.  क्योंकि उसने पानी में गिरे कोकीन के पैकेटों को खा लिया था.वैज्ञानिकों ने पहली बार बहामास के गहरे नीले पानी में तैरने वाली शार्क मछलियों के खून में कोकीन के अंश पाए हैं.

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों की टीम को अटलांटिक महासागर में नासाऊ से 50 मील पूर्व में स्थित एलेउथेरा द्वीप के आसपास के समुद्री जीवों का अध्ययन करते समय नशे की हालत में एक शार्क मिली.उन्होंने शार्क की तीन अलग-अलग प्रजातियों से लिए गए रक्त के नमूनों में कैफीन और दर्द निवारक पदार्थ भी पाए.

शार्क ने कोई असामान्य व्यवहार नहीं किया और न ही वे नशे में थीं. हालांकि, इन दवाओं की मौजूदगी इस बात के बढ़ते सबूतों को पुष्ट करती है कि केवल मानव उपभोग के लिए बने ये पदार्थ वाइल्ड इको सिस्टम में भी अपना रास्ता बना रहे हैं. यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि शार्क को ड्रग्स कैसे मिले.हालांकि, बहामास के केप एलेउथेरा इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं को संदेह है कि कोकीन के पैकेट पानी में गिर गए होंगे. इंस्टीट्यूट की प्रमुख लेखिका नताशा वोस्निक ने साइंस न्यूज को बताया  वे चीजों की जांच करने के लिए उन्हें काटते हैं और अंततः पदार्थों के संपर्क में आ जाते हैं.

परीक्षण किए गए 85 जानवरों में से, कैफीन सबसे अधिक बार पाया जाने वाला पदार्थ था, जिसमें 27 शार्क में इसका सकारात्मक परीक्षण हुआ. इनमें से दो में कोकीन पाई गई, जबकि 13 में डाइक्लोफेनाक (एक सामान्य सूजनरोधी दवा) और चार जानवरों में पैरासिटामोल का पता चला. अध्ययन में पाया गया कि सबसे अधिक मामले पर्यटकों के बीच लोकप्रिय एक स्थल से सामने आए. शोधकर्ताओं ने दूषित रक्त वाले शार्क में लैक्टेट और यूरिया सहित मेटाबॉलिज्म मार्करों में भी बदलाव पाया. चिंता की बात यह है कि यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि ये परिवर्तन हानिकारक हैं या नहीं, या वे शार्क के व्यवहार को कैसे प्रभावित कर सकते हैं.

साइंस न्यूज से बात करते हुए, गेन्सविले स्थित फ्लोरिडा विश्वविद्यालय की समुद्र विज्ञानी ट्रेसी फनारा, जो इस अध्ययन में शामिल नहीं थीं. उन्होंने कहा कि इस अध्ययन को उल्लेखनीय बनाने वाली बात केवल तटीय शार्क में फार्मास्यूटिकल्स और कोकीन का पता लगाना ही नहीं है, बल्कि मेटाबॉलिज्म मार्करों में संबंधित बदलाव भी हैं. यह पहली बार है जब कैफीन और पैरासिटामोल का एक साथ इस्तेमाल किया गया है. दुनिया में कहीं भी शार्क में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया गया था. यह पहली बार है जब बहामास में शार्क में कोकीन और डाइक्लोफेनाक पाए गए हैं.

हालांकि, एनवायरनमेंटल पॉल्यूशन नामक पत्रिका में प्रकाशित इस शोध पत्र में प्रदूषण के किसी विशिष्ट स्रोत की पहचान नहीं की गई है, लेकिन शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि क्षेत्र में बढ़ते पर्यटन के कारण शार्क के आवासों में अधिक जहाज दिखाई देते हैं. इसके परिणामस्वरूप, संवेदनशील इको सिस्टम में अधिक गंदे जल और अधिक रासायनिक अवशेष पाए जाने लगते हैं.

यह खबर ब्राजील के तट के आसपास के पानी में तैरने वाली शार्क मछलियों में कोकीन की मौजूदगी की पुष्टि होने के कुछ ही समय बाद आई है.ओस्वाल्डो के लिए एक स्टडी कर रहे वैज्ञानिकों के दल ने रियो डी जनेरियो के पास दक्षिण अटलांटिक महासागर से पकड़ी गई ब्राजीलियाई शार्पनोज प्रजाति की 13 शार्क पर टेस्ट किया.

उन्होंने पाया कि उन सभी की मांसपेशियों और लीवर में ड्रग का उच्च स्तर मौजूद था. ओस्वाल्डो क्रूज़ फाउंडेशन की शोध टीम की सदस्य और ब्रिटिश वैज्ञानिक डॉ. राहेल एन हाउसर-डेविस ने कहा कि यह रियो डी जनेरियो में कोकीन के मानव उपयोग और सीवेज आउटफॉल के साथ-साथ अवैध प्रयोगशालाओं से मानव अपशिष्ट बनाने की वजह से हो रहा है.

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