झारखंड की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में हेमंत सोरेन सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. राज्य के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को दूर करने के लिए कुल 942 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को अधियाचना भेज दी है.

सरकार ने इस पूरी बहाली प्रक्रिया को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा है, ताकि पढ़ाई से लेकर इलाज तक, हर स्तर पर सुधार दिखे.

मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई होगी मजबूत: राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 180 सहायक प्राध्यापकों (Assistant Professors) की नियुक्ति होगी. इनमें 155 नियमित और 25 बैकलॉग पद हैं. मेडिसिन, सर्जरी और शिशु रोग जैसे 24 विभागों में ये नियुक्तियां एनएमसी (NMC) के 2025 के मानकों के अनुरूप होंगी.

सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार: धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, पलामू और दुमका के मेडिकल कॉलेजों में 96 विशेषज्ञ फैकल्टी तैनात किए जाएंगे. अब न्यूरो सर्जरी, कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी जैसे गंभीर इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा.

ग्रामीण इलाकों को मिलेंगे विशेषज्ञ: जिला और अनुमंडल अस्पतालों के लिए 666 विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहाली होगी. इनमें सबसे ज्यादा 226 फिजिशियन और 224 शिशु रोग विशेषज्ञ होंगे. इसके अलावा 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी पाइपलाइन में है.

झारखंड जैसे राज्य में, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, यह बहाली मील का पत्थर साबित हो सकती है. JPSC को अधियाचना भेजे जाने का मतलब है कि जल्द ही विज्ञापन जारी होंगे और नियुक्तियों का रास्ता साफ होगा.

ये है मुख्य पॉइंट्स

कुल पद: 942 (डॉक्टर और प्रोफेसर)
भर्ती एजेंसी: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC)
विशेष फोकस: फिजिशियन, शिशु रोग विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजी.
अतिरिक्त पद: 335 चिकित्सा पदाधिकारियों की बहाली भी प्रक्रियाधीन.

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