मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देशभर के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की. इस बैठक में मौजूदा वैश्विक हालात, खासकर ईरान से जुड़े तनाव के असर और उससे निपटने की भारत की तैयारी पर विस्तार से चर्चा हुई. 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के बाद यह पीएम की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बैठक थी.

प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि मौजूदा स्थिति लगातार बदल रही है और इसके लिए लगातार निगरानी और समय के अनुसार रणनीति तैयार करना बेहद जरूरी है. उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, सूचनाओं के आदान-प्रदान और तेज फैसले लेने की जरूरत पर जोर दिया.

पढ़ें- पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की 10 बड़ी बातें:

1. आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता पर सबसे ज्यादा जोर: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक संकट के बीच देश की आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर भारत पर कम से कम पड़े, इसके लिए हर स्तर पर तैयारी जरूरी है.

2. ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश: ईरान संकट के चलते वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ रहा है. ऐसे में पीएम मोदी ने राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और LPG की सप्लाई में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए.

3. सप्लाई चेन को मजबूत रखने पर जोर: प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि जरूरी वस्तुओं की सप्लाई चेन को हर हाल में सुचारू बनाए रखा जाए. उन्होंने कहा कि अगर सप्लाई चेन प्रभावित होती है तो इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है.

4. जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई: पीएम मोदी ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी तरह की जमाखोरी और कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए ताकि बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो.

5. अफवाहों और गलत जानकारी पर नियंत्रण जरूरी: प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय अफवाहें और फेक न्यूज स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं. उन्होंने राज्यों से कहा कि सही और भरोसेमंद जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि किसी तरह की घबराहट न फैले.

6. ‘टीम इंडिया’ की भावना को फिर से मजबूत करने की अपील: पीएम मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र और राज्यों के बीच हुए सहयोग को याद किया. उन्होंने कहा कि उस समय टीम इंडिया की भावना से काम किया गया था और उसी मॉडल को इस संकट में भी अपनाने की जरूरत है.

7. बॉर्डर और तटीय राज्यों को अलर्ट रहने के निर्देश: प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से सीमा और तटीय राज्यों को सतर्क रहने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि शिपिंग, जरूरी सप्लाई और समुद्री गतिविधियों पर नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की बाधा को समय रहते रोका जा सके.

8. विदेशों में भारतीयों के लिए हेल्पलाइन और सपोर्ट सिस्टम: पीएम मोदी ने निर्देश दिया कि जिन राज्यों के नागरिक मिडिल ईस्ट में रह रहे हैं, उनके लिए हेल्पलाइन सक्रिय की जाए. साथ ही नोडल अधिकारी नियुक्त कर जिला स्तर पर सपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके.

9. कृषि क्षेत्र में एडवांस प्लानिंग की जरूरत: प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को कृषि क्षेत्र में पहले से योजना बनानी चाहिए. खासकर उर्वरकों के भंडारण और वितरण पर नजर रखना जरूरी है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो.

10. वैकल्पिक ऊर्जा और घरेलू उत्पादन पर जोर: पीएम मोदी ने कहा कि देश को ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर तेजी से काम करना होगा. उन्होंने बायोफ्यूल, सोलर एनर्जी जैसे विकल्पों को बढ़ावा देने और तेल-गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत बताई.

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