‘आतंक की दुनिया में जिहादी बड़ी समस्या…’, इजरायल का पाकिस्तान पर बड़ा हमला – Israel US War Pakistan Mediator Jihadi Terrorism Israel Nuclear Trump Tehran ntc rttm


अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग बदस्तूर जारी है. होर्मुज की खाड़ी लगभग ब्लॉक है. तेल संकट से दुनिया त्राहिमाम कर रही है. इन सबके बीच पाकिस्तान इस जंग को रुकवाने के लिए मध्यस्थता करने का दावा कर रहा है. पाकिस्तान के इस कदम पर इजरायल ने उसे आईना दिखा दिया है.

इजराइल के विदेश मंत्रालय के विशेष राजदूत फ्लेउर हसन नाहोम ने वेस्ट एशिया में मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कहा कि मुझे नहीं पता कि पाकिस्तानियों को क्या लगता है कि वे क्या कर रहे हैं. मुझे लगता है कि वे सिर्फ तर्कसंगत बनने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि वे (पाकिस्तानी) जिहादी आतंकवाद की दुनिया में एक बड़ी समस्या है. लेकिन वे कोशिश कर सकते हैं. लेकिन मुझे नहीं पता कि वे इसमें सफल होंगे या नहीं. मुझे लगता है कि वे इस हलचल भरी दुनिया में खुद को तर्कसंगत दिखाना चाहते हैं.

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्लामाबाद में बीते रविवार को एक अहम कूटनीतिक बैठक हुई थी, जिसमें मिस्र, तुर्किये और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया था. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की अध्यक्षता में यह बैठक खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम करने के मुद्दे पर चर्चा के लिए हुई थी.

यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर गया. बैठक से पहले चारों नेताओं ने एक साथ समूह फोटो भी खिंचवाई. बैठक में मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलअत्ती, तुर्किये के हाकान फ़िदान और सऊदी अरब के फैसल बिन फरहान ने हिस्सा लिया.

इस तस्वीर को शेयर करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि मुझे अपने प्यारे भाइयों, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों का इस्लामाबाद में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है. इस अवसर पर उनकी उपस्थिति को लेकर मैं उनका आभारी हूं, हमारी बातचीत के दूसरे दौर के लिए यह हमारे भाईचारे के संबंधों को दिखाता है. हमारी स्पष्ट और रचनात्मक चर्चाएं बदलती क्षेत्रीय परिस्थितियों और शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित हैं. इसके साथ ही हम विभिन्न क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को सुदृढ़ करने और सहयोग को और अधिक गहरा बनाने पर भी बल दे रहे हैं.

इससे एक दिन पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से बातचीत की थी. बैठक से पहले इशाक डार ने तुर्किये और मिस्र के समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता भी की. इस दौरान क्षेत्रीय हालात के साथ-साथ सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हुई.

ईरान का भी पाकिस्तान की मध्यस्थता से इनकार

इजरायल ही नहीं ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान की तरफ से की जा रही किसी भी मध्यस्थता की कोशिश का हिस्सा नहीं है. भारत में ईरानी वाणिज्य दूतावास के बयान के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है.

ईरान ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जो बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है, वह उसका अपना प्रयास है और उसमें ईरान शामिल नहीं है. बता दें पाकिस्तान इस पूरे संकट में संभावित मध्यस्थ के तौर पर उभर रहा है. पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत कराने की बात कही थी लेकिन ईरान के इनकार के बाद यह पहल कमजोर पड़ती दिख रही है.

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