अरब देशों पर पड़ेगी दोहरी मार! ईरान जंग की ‘कीमत’ वसूलने की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप – donald trump may ask financial help arab states iran war ntc drmt


मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच अरब देश पीसते नजर आ रहे हैं. एक तरफ ईरान अरब देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर अटैक कर रहा है. दूसरी तरफ अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जंग जारी रखने के लिए अरब देशों से मदद मांगने की तैयारी कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने एक ब्रीफिंग में बताया कि पर्दे के पीछे ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत चल रही है. उन्होंने जानकारी दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ जारी युद्ध के खर्च को लेकर अरब देशों से आर्थिक मदद की मांग कर सकते हैं.

जब प्रेस ब्रीफिंग के दौरान लीविट से पूछा गया कि क्या अरब देश युद्ध के खर्च में मदद के लिए आगे आएंगे, तो उन्होंने कहा कि वो राष्ट्रपति से पहले कुछ नहीं बोलेंगी, लेकिन ट्रंप के मन में ऐसा विचार चल है.

लीविट ने कहा, ‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति उन्हें ऐसा करने के लिए बुलाने में काफी रुचि रखेंगे. ये एक ऐसा आइडिया है जो मुझे पता है कि उनके पास है और मुझे लगता है कि आप इस बारे में उनसे और ज्यादा सुनेंगे.’

सीजफायर के लिए बेकरार है ईरान!

इस दौरान लीविट ने सीजफायर को लेकर ईरान के रुख पर भी बात की. उन्होंने दावा किया कि ईरान समझौता करने के लिए बेकरार है, भले ही उनके आधिकारिक बयान कुछ और ही संकेत दे रहे हों.

कैरोलिन लीविट ने कहा, ‘शासन की ओर से आप जो भी सार्वजनिक दिखावा और गलत रिपोर्टिंग सुन रहे हैं, उसके बावजूद बातचीत जारी है और अच्छी चल रही है. जो सार्वजनिक रूप से कहा जाता है, वो हमें निजी तौर पर बताए जा रहे तथ्यों से बहुत अलग है.’

लीविट ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कहने पर ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है. उन्होंने कहा,रुझान बिल्कुल साफ है. अमेरिका हर बीतते दिन के साथ ईरानी आतंकवादी शासन के पैदा किए गए खतरे को तबाह करने के लिए ज्यादा तेज और टारगेट हमले कर रहा है, जैसा कि राष्ट्रपति ने एक महीने पहले करने का टारगेट रखा था.

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बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया था कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है. हालांकि ईरान ने इससे साफ इनकार कर दिया है.

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