द्वारका: सड़क पर हो रही लड़ाई रोकने की कोशिश में फूड डिलीवरी एजेंट ने गंवाई जान – dwarka delhi violence food delivery executive killed govind jha ntc amkr


द्वारका, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में दो समूहों के बीच हुई झड़प हिंसक रूप ले बैठी. इस दौरान कथित तौर पर बीच-बचाव करने आए 32 वर्षीय फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने सोमवार को बताया कि मृतक की पहचान मोहन गार्डन निवासी गोविंद झा के रूप में हुई है.

इस घटना में तीन अन्य लोगों के भी घायल होने की जानकारी मिली है. पुलिस के अनुसार गोविंद रविवार रात काम पर जा रहा था जब उसने द्वारका के मधु विहार इलाके के राजपुरी में एक गली में लड़ाई होते देखी. इस झड़प में दो लोग तीन अन्य लोगों से भिड़ रहे थे, जिनकी पहचान बाद में परवेश, अनीश और रोहित के रूप में हुई.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोविंद मौके पर रुका और बीच-बचाव करने की कोशिश की. हाथापाई के दौरान, दोनों व्यक्तियों ने कथित तौर पर चाकू निकाले और परवेश, अनीश और रोहित पर हमला कर दिया. जब गोविंद ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उस पर भी हमला किया गया.

इसके बाद चारों घायल व्यक्तियों को तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां गोविंद ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. अन्य तीन व्यक्ति फिलहाल चिकित्सा निगरानी में हैं.

पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए और उनकी पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं.

इस बीच, डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस (द्वारका) कुशल पाल सिंह ने एक बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कुछ संदेश इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं.

डीसीपी ने बताया, “इस घटना में चार लोग चाकू से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. एक व्यक्ति की अस्पताल में मौत हो गई और बाकी तीन का इलाज चल रहा है. पीड़ित दो अलग-अलग समुदायों से हैं, आरोपियों ने चारों को चाकू मारा”

उन्होंने कहा, “इस घटना में सांप्रदायिक पहलू नहीं है. यह एक जघन्य अपराध है और इसे इसी तरह से निपटा जाना चाहिए. झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.”

इस बीच, गोविंद के भाई धीरज झा ने बताया कि गोविंद के सीने में चाकू के तीन घाव थे. उन्होंने आरोप लगाया कि दो अज्ञात लोग गोविंद को एक निजी अस्पताल ले गए और वहां उसे छोड़ दिया.

धीरज ने आरोप लगाया, “हमें बताया गया कि इलाज मिलने से पहले वह 15 से 20 मिनट तक बाहर पड़ा रहा” और धीरज ने कहा  कि जब तक परिवार अस्पताल पहुंचा, गोविंद की पहले ही मौत हो चुकी थी. धीरज ने बताया कि उसका भाई पिछले आठ सालों से डिलीवरी एजेंट का काम कर रहा था.गोविंद की पत्नी नीरू ने बताया कि उन्होंने रात करीब 9.40 बजे अपने पति से बात की थी.

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