उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में गौतस्करी के एक मामले में लापरवाही और आरोपियों को फायदा पहुंचाने के आरोप में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. SP चारू निगम ने गोसाईगंज थाने के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय, उपनिरीक्षक अनिल यादव और हेड कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया है. साथ ही तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.

दरअसल, ये पूरा मामला रविवार की देर रात का है. जहां गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के राजापुर बाजार में एक मकान के अंदर गौवध की सूचना पर हिंदू संगठन के लोग मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने तालाब के पास स्थित एक मकान से लगभग एक कुंतल गौमांस, उपकरण, एक कार और एक पिकअप वाहन पकड़ा था. हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी, जिसके बाद मौके से दो आरोपियों और समान, गाड़ियों को लेकर थाने ले जाया गया.

आरोप है कि घटनास्थल से मिले अहम साक्ष्यों को पुलिस ने अपनी आधिकारिक कार्रवाई में सही तरीके से दर्ज नहीं किया. वीडियो में भारी मात्रा में गौमांस बरामद होने के बावजूद उसे कागजों में नहीं दिखाया गया, जिससे आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई और सभी आठ आरोपी छूट गए.

जांच में सही पाए गए आरोप
इस मामले की शिकायत मिलने पर एसपी ने जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए. इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. गौरतलब है कि इंस्पेक्टर राम आशीष उपाध्याय पहले भी विवादों में रह चुके हैं और पूर्व में भी निलंबन की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं.

हिन्दू संगठन के लोगों ने पुलिस को आरोपी गौ तस्करों के पास से दो चापड़, एक चाकू, एक सूजा, दो बांट, 12 रस्सी, एक प्लास्टिक ड्रम, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक छोटा तराजू, दो मोटरसाइकिल, दो पिकअप (छोटी-बड़ी) और एक सेंट्रो कार सौंपी थी और पुलिस ने इन सामानों की बरामदगी भी दिखाई थी.

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