मौत से पहले रियल चौधरी असलम ने पत्नी को किया था फोन, क्या हुई थी आखिरी बातचीत? – dhurandhar2 sanjay dutt real sp chaudhary aslam wife naureen aslam husband death tmovj


आदित्य धर की फिल्म धुरंधर ने पाकिस्तान की सच्चाई काफी हद तक दुनिया को दिखाई. इस फिल्म ने ल्यारी में होने वाले गैंगवॉर और आतंक से जुड़े कामों की पोल खोली. फिल्म की कहानी को काफी पसंद किया गया. ल्यारी के बादशाह रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना की जमकर तारीफ हुई.

मगर फिल्म में उनकी नाक में एक किरदार ने दम किया, जिसे रहमान डकैत मारना चाहता था. लेकिन कभी मार नहीं पाया. धुरंधर में एसपी चौधरी असलम का रोल संजय दत्त ने निभाया, जो असल जिंदगी में भी पाकिस्तान के पुलिस ऑफिसर थे. फिल्म में उन्हें काफी ताकतवर और बहादुर दिखाया गया.

धुरंधर वाले एसपी चौधरी असलम की मौत

धुरंधर 2 में भी एसपी चौधरी असलम का रोल अहम था. मगर एक पॉइंट के बाद जाकर उसे भी हमजा के प्लान मुताबिक मार दिया गया. फिल्म में संजय दत्त को एक सुसाइड बॉम्ब से मरता हुआ दिखाया गया. हैरानी की बात ये है कि असल जिंदगी में भी चौधरी असलम को सुसाइड बॉम्ब के जरिए ही मारा गया था. ये हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने करवाया था.

हाल ही में आजतक से चौधरी असलम की पत्नी नूरीन असलम ने एक्सक्लूसिव बातचीत की, जहां उन्होंने अपने पति के बारे में बातें साझा कीं. नूरीन ने बताया कि कैसे चौधरी असलम ने ल्यारी में गैंगवॉर से लेकर रहमान डकैत का एनकाउंटर किया. इसी बीच उन्होंने अपने पति की मौत पर भी बात की.

नूरीन से पूछा गया कि जब चौधरी असलम की मौत हुई, तब वो कहां थीं और उन्हें कैसे उसकी जानकारी मिली? तो उन्होंने कहा- मैं उस दिन बाहर डॉक्टर के पास गई थी. जब मैं घर से निकली, तब असलम सो रहे थे. करीब 3.30 बजे के करीब मैंने अपनी बहन को कॉल किया, तब उन्होंने बताया कि असलम घर पर हैं. तैयार हो रहे हैं, शायद बाहर जाएं. मैं घर पहुंची, तब मैं कुछ हफ्तों से उनसे नाराज चल रही थी. मुझे दुबई में कुछ गन मैनों ने बताया कि उनपर काफी खतरा है. आप वापस आ जाएं. मुझे 2-3 दिन से ज्यादा कहीं रुकने की इजाजत नहीं होती थी.

‘वो मुझसे बोले कि शेर हमारे कंट्रोल से बाहर है, आपके अलावा दुनिया में उन्हें और कोई कंट्रोल नहीं कर सकता. लेकिन मैं वहीं हार जाती हूं जहां उनकी सर्विस आगे आ जाती है. वहां उन्हें कोई नहीं रोक सकता. खैर मैं घर आई, मैंने उन्हें रोका. उनके कपड़े खींचे, वो मुझपर गुस्सा हुए कि कपड़े खराब हो गए. मैंने कहा आप मुझे बताएं कि आपके पास बम प्रूफ गाड़ी नहीं है. कुछ हो गया तो? वो बोले कुछ नहीं होगा. जो खुदा करेगा, वही होना है.’

घर से निकलते समय क्या हुई आखिरी बात?

नूरीन आगे बताती हैं कि चौधरी असलम ने घर से निकलने से पहले उनसे कसम मांगी थी कि वो उन्हें जिंदगी में हक बख्श दें. मगर उनका दिल नहीं मान रहा था. नूरीन ने कहा कि उन्होंने चौधरी असलम को अपने बच्चों को ट्यूशन छोड़ने के लिए कहा. मगर उनके बच्चे तबतक तैयार नहीं थे, इसलिए चौधरी असलम निकल गए.

नूरीन ने कहा, ‘वो घर से निकले होंगे, 10-12 मिनट हुई होगी. आगे चलकर उन्होंने मुझे कॉल किया कि नूरीन आज मेरा दिल चाहता है कि हम कहीं और मिलें. वो घर का कह रहे थे, कहीं खाने मिलते हैं क्योंकि हमारी जिंदगी बड़ी मुश्किलों में कट रही थी. मैंने उनसे कहा कि जब मैं घर आई, तब मुझे इंजेक्शन लगे हुए थे. मेरी तबीयत ठीक नहीं है. हम कल चलेंगे. इतने में कहते कि खुश रहना, आर के चौधरी का खुदा हाफिज. फिर बॉम्ब ब्लास्ट.’

नूरीन ने बताया कि जो सुसाइड बॉम्ब था, उसमें करीब 125 किलो बारूद भरकर चौधरी असलम को मारा गया. उनकी मौत के बाद पाकिस्तान के कई बड़े नेताओं ने उन्हें कॉल किया था. चौधरी असलम की मौत 9 जनवरी 2014 को हुई थी, जो फिल्म धुरंधर द रिवेंज में भी दिखाया गया है.

—- समाप्त —-



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *